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Faridabad News: आठ रूटों पर पूरे दिन बंद रहा 50 सिटी बसों का संचालन

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वेतन में वृद्धि की मांग को लेकर कर्मचारियों ने एक बार फिर हड़ताल की
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। वेतन में वृद्धि की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को सिटी बस सेवा के कर्मचारियों ने एक बार फिर हड़ताल कर दी। इससे फरीदाबाद और बल्लभगढ़ की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। हड़ताल के चलते 8 रूटों पर संचालित होने वाली करीब 50 सिटी बसों का संचालन पूरे दिन बंद रहा। इसके कारण हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और उन्हें ऑटो, ई-रिक्शा तथा अन्य निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा।

सिटी बस सेवा में कार्यरत 100 कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार किया। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें वर्तमान में लगभग 21 हजार रुपये मासिक वेतन मिल रहा है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में परिवार के भरण-पोषण के लिए पर्याप्त नहीं है। कर्मचारी पिछले लंबे समय से वेतन में 2,900 रुपये प्रतिमाह बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे।
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बस चालक गिरराज ने बताया कि मौजूदा वेतन में घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। वहीं चालक संतलाल ने कहा कि कई बार अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखी गईं, लेकिन केवल आश्वासन ही मिले। इसी कारण कर्मचारियों की ओर से पिछले तीन महीने से लगातार हड़ताल की जा रही है। हर बार आश्वासन के बाद हड़ताल को खत्म करवा दिया जाता है।



देर शाम हड़ताल हुई खत्म

देर शाम प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच सहमति बनने के बाद हड़ताल समाप्त हो गई। सिटी बस इंचार्ज अंकित ने बताया कि कर्मचारियों को आगामी वेतन में 2,900 रुपये की बढ़ोतरी का आश्वासन दिया गया है। इसके बाद कर्मचारियों ने काम पर लौटने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह से सभी रूटों पर सिटी बसों का संचालन सामान्य रूप से शुरू हो जाएगा, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी।
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लोगों को हुई परेशानी
हड़ताल का सबसे अधिक असर नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और दैनिक यात्रियों पर पड़ा। सुबह व शाम के समय जिले की लाइफ लाइन कही जाने वाली सिटी बसों का संचालन पूरी तरह से ठप होने की वजह से यात्रियों को परेशानी हुई। इन सिटी बसों से हर रोज करीब एक हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं। यह बसें गांव से शहर को जोड़ती हैं। बृहस्पतिवार को बस सेवा ठप होने से लोगों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत हुई और अतिरिक्त किराया भी खर्च करना पड़ा।



हड़ताल होने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है। वह यमुना किनारे बसे गांव में रहते है जहां सिटी बसों का संचालन ही होता है।
- ओमपाल

महंगाई बढ़ रही है, लेकिन सरकार के आदेश होने के बावजूद चालकों के वेतन में बढ़ोतरी नहीं की गई है। हड़ताल से सबसे ज्यादा परेशानी यात्रियों को होती है।
-धर्म शर्मा

बसों का संचालन नहीं होने की वजह से सुबह के समय लोगों को अपनी नौकरी पर जाने में काफी परेशानी होती है।
- रवि कोशिक, यात्री


नौकरी पर जाने के लिए वह बस के समय पर घरों से निकलते हैं लेकिन हड़ताल होने की वजह से उनको काफी परेशानी हुई।
- मनोज
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