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Faridabad News: खुले मैनहोल, अधिकारियों की आंखें बंद

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बारिश के दौरान जलभराव होने पर बढ़ जाती है हादसे की आशंका
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अमर उजाला ब्यूरो

फरीदाबाद। बारिश के बाद शहर में जलभराव की समस्या लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है। कई सड़कों से पानी निकलने में घंटों लग जाते हैं। इस दौरान सीवर के खुले मैनहोल और नाले हादसे का खतरा बढ़ा रहे हैं। सेक्टर-15 में नेहरू कॉलेज की ओर जाने वाली सड़क पर मैनहोल का ढक्कन गायब है। एनएच-19 पर बल्लभगढ़ से बाटा फ्लाईओवर की तरफ भी मैनहोल खुला पड़ा है। बाटा टूल मार्केट के पास सड़क किनारे खुला नाला और सेक्टर-12 में एफएमडीए कार्यालय की ओर जाने वाले मार्ग पर सड़क से नीचे धंसा मैनहोल भी वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। बारिश के दौरान जलभराव होने पर इन जगहों पर हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।

सेक्टर-15 में नेहरू कॉलेज की ओर जाने वाली सड़क पर मैनहोल का ढक्कन नहीं है। सामान्य दिनों में भी यहां से गुजरने वाले लोगों को सावधानी बरतनी पड़ती है। बारिश के दौरान सड़क पर पानी भरने के बाद मैनहोल दिखाई नहीं देता। ऐसे में दोपहिया वाहन चालक या पैदल राहगीर सीधे खुले मैनहोल में गिर सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के समय सड़क पर पानी जमा रहने के कारण वाहन चालकों को यह पता नहीं चलता कि सड़क कहां से टूटी है और कहां मैनहोल खुला है। रात में स्ट्रीट लाइट की पर्याप्त रोशनी नहीं होने पर स्थिति और खतरनाक हो जाती है।
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एनएच-19 पर भी खुला मैनहोल

नेशनल हाईवे-19 पर बल्लभगढ़ से बाटा फ्लाईओवर के पास सीवर मैनहोल का ढक्कन गायब है। यह मार्ग काफी व्यस्त रहता है। बारिश के बाद यहां जलभराव की स्थिति बनती है। पानी जमा होने पर सड़क पर खुला मैनहोल दिखाई नहीं देता। ऐसे में तेज गति से आने वाले दोपहिया वाहन चालक के साथ हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर वाहनों की रफ्तार अधिक रहती है। ऐसे में अचानक सड़क पर बने गड्ढे या खुले मैनहोल से बचना मुश्किल होता है। यदि बारिश के दौरान वाहन का पहिया खुले मैनहोल में चला जाए तो चालक का संतुलन बिगड़ सकता है।

बाटा टूल मार्केट के पास खुला नाला

हार्डवेयर चौक की तरफ से बाटा चौक की ओर आने वाली सड़क पर बाटा टूल मार्केट के पास खुला नाला भी लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। बारिश के दौरान नाले में पानी का स्तर बढ़ जाता है और सड़क पर पानी जमा होने से नाला और सड़क का किनारा स्पष्ट दिखाई नहीं देता। यह इलाका औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण दिनभर व्यस्त रहता है। यहां बड़ी संख्या में वाहन आते-जाते हैं। रात में या बारिश के दौरान खुले नाले में गिरने का खतरा बना रहता है।

सड़क से नीचे धंसा मैनहोल भी बना परेशानी

सेक्टर-12 में एफएमडीए कार्यालय की तरफ जाने वाले मार्ग पर सीवर का मैनहोल सड़क के स्तर से नीचे है। इससे वाहन गुजरते समय झटका लगता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह ज्यादा परेशानी वाला है। बारिश के दौरान सड़क पर पानी भरने पर मैनहोल की गहराई का पता नहीं चलता और हादसे का खतरा बढ़ जाता है।


जलनिकासी ठीक नहीं होने से बढ़ती है समस्या

शहर में बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनती है। पानी निकलने में समय लगने के कारण सड़क पर वाहन चलाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में खुले मैनहोल और नाले सबसे बड़ा खतरा बन जाते हैं। सड़क पर पानी जमा होने के बाद वाहन चालक यह नहीं देख पाता कि आगे सड़क सुरक्षित है या नहीं। शहर में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों की ओर से नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था पर काम किया जाता है, लेकिन बारिश के दौरान कई स्थानों पर पानी जमा होने की समस्या बनी रहती है। इसके साथ ही खुले मैनहोल और टूटे ढक्कनों की समय पर मरम्मत नहीं होने से समस्या और गंभीर हो जाती है।
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हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग की व्यवस्था के अनुसार सीवर और स्टॉर्म वाटर ड्रेन के मैनहोल को ढकने से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के लिए समय सीमा तय है। इसके बावजूद शहर की सड़कों पर खुले मैनहोल सामने आना व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े करता है।





वर्जन-

अगर एफएमडीए के किसी मार्ग पर सीवर के मैनहोल का ढक्कन नहीं है तो इसपर सख्त एक्शन लिया जाएगा।- केएस पठानिया, कार्यकारी अभियंता
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