फरीदाबाद। किसानों के भारत बंद आह्वान के साथ ही डॉक्टरों का मिक्सोपैथी का विरोध आमजन पर भारी पड़ सकता है। जिले के ज्यादातर नर्सिंग होम, कॉरपोरेट अस्पताल सहित क्लीनिक पर सेवाएं देने वाले डॉक्टरों ने इसका विरोध किया है। इस कारण मंगलवार को जिले में दोपहर 12 से 2 बजे तक निजी स्तर पर सभी ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी। हालांकि, सरकारी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं जारी रहेंगी। केवल आपातकाल में ही मरीजों को 24 घंटे निजी अस्पतालों में सुविधा मिलेगी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर जिले में डॉक्टर नौ अलग-अलग जगहों पर विरोध प्रदर्शन में भी शामिल होंगे।
डॉक्टरों ने भारत बंद का समर्थन नहीं किया, लेकिन मिक्सोपैथी के रोष प्रदर्शन के लिए मंगलवार का ही दिन चुना है। ऐसे में भारत बंद के कारण एक ओर अन्य सेवाएं प्रभावित होंगी तो दूसरी ओर डॉक्टरों के विरोध के कारण स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित होंगी। आईएमए जिला प्रधान पुनिता हसीजा ने बताया कि सरकार ने अधिसूचना जारी कर आयुर्वेदिक डॉक्टरों को भी ऑपरेशन की अनुमति दी है।
एलोपैथी डॉक्टर इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह सीधे-सीधे स्वास्थ्य सेवाओं के साथ खिलवाड़ है। मरीजों की ओर से सरकार गंभीर नहीं है। आईएमए मीडिया प्रभारी डॉ. सुरेश अरोड़ा ने बताया कि आयुर्वेदिक डॉक्टर को एलोपैथिक उपचार की ही जानकारी नहीं होती। ऐसे में ऑपरेशन की अनुमति मरीजों के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने बताया कि एमबीए की पढ़ाई के दौरान ऑपरेशन संबंधी जानकारी दी जाती है। सरकार के इस नोटिफिकेशन के विरोध में बैठक का आयोजन किया गया था। इस दौरान सर्वोदय अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता, एशियन अस्पताल से डॉ. पीएस आहूजा और हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के सचिव डॉ. राजेश श्योकंद भी मौजूद रहे।
कोट
आयुर्वेदिक डॉक्टर को यदि सरकार ऑपरेशन करने की अनुमति देनी है, तो पहले उन्हें नीट की प्रवेश परीक्षा पास करनी होगी और चरणबद्ध तरीके से पढ़ाई करने के बाद अनुमति देनी चाहिए।
- डॉ. पुनीता हसीजा, प्रधान, जिला आईएमए
स्वास्थ्य विभाग के पास बेहतरीन डॉक्टरों की टीम है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी जारी रहेगी। किसी भी परेशानी में डॉक्टरी परामर्श ले सकते हैं।
- डॉ. रणदीप सिंह पूनिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी