संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। निरोगी योजना के तहत जिले के चिह्नित 6.82 लाख लाभार्थियों में से 1.11 लाख लोगों को ही अब तक निरोगी योजना का लाभ मिल सका है। जो कुल लाभार्थियों का करीब 6 प्रतिशत ही है। नवंबर 2022 से अब तक करीब दो हजार मरीजों की हालत गंभीर होने पर उपचार के लिए निजी अस्पतालों में रेफर किया जा चुका है। वहीं, 70 मरीजों का बीके अस्पताल में ही उपचार किया गया।
निरोगी योजना के नोडल अधिकारी डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि जिले में एक लाख 80 हजार से कम आय वाले लोगों के लिए निरोगी योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार कार्ड बनाया जा रहा है। जिले में कुल 6.82 लाख लोग इसके पात्र हैं। जिनका नियोगी योजना के तहत कार्ड बनाया जाना है। अभी तक जिले के 1.11 लाख लोगों के कार्ड बनाकर स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इसमें से 2,23,500 लोगों के खून की जांच की गई। इसके अलावा 2462 मरीज एनीमिया, टीबी, कैंसर, कम वजन आदि के पाए गए है। 200 मरीज शुगर व 260 मरीज बीपी के भी पाए गए है। दो हजार मरीज गंभीर होने की वजह से उन्हें रेफर करके उपचार कराया जा चुका है। वहीं, 70 मरीजों को बीके अस्पताल में भर्ती करके उपचार दिया गया था।
जिले के नागरिकों को उपचार हेतु 6 वर्गों में विभाजित किया गया है। जिसमें 0 से 6 साल, 6 से 18 साल, 18 से 40 साल, 40 से 60 साल और 80 से अधिक आयु के लोग शामिल है। प्रत्येक वर्ग के लाभार्थियों को अलग-अलग रंग के ओपीडी कार्ड बनाए जा रहे है। स्वास्थ्य जांच में संपूर्ण सामान्य शारीरिक जांच, शारीरिक माप ऊंचाई वजन पल्स बीपी, दांतों और आंखों की जांच शामिल है। इस योजना के तहत लाभार्थियों के सूचीबद्ध श्रेणीवार लैब टेस्ट किए जा रहे हैं।
दो कमरों में होती है जांच
बीके अस्पताल में निरोगी योजना के तहत आने वाले मरीजों के पंजीकरण के लिए अलग से काउंटर बनाया गया है। जहां पर मरीज से नाम व परिवार पहचान पत्र के बाद निरोगी योजना के तहत मरीज का कार्ड बनता है। उसके बाद 18 साल से कम उम्र वाले लोगों का उपचार कमरा नंबर 23 व 18 साल से ज्यादा उम्र वाले लोगों का उपचार कमरा नंबर 21 में होती है।
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आशा वर्कर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा समय-समय पर निरोगी योजना के तहत आने वाले लोगों को जांच करवाने के लिए जागरूक किया जाता है। ज्यादा लोगाें के कार्ड बनाने की दिशा में काम चल रहा है।
- डॉ. एमपी सिंह, नोडल अधिकारी निरोगी योजना
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नवंबर 2022 में शुरू हुआ था कार्यक्रम
29 नवंबर 2022 को निरोगी हरियाणा का शुभारंभ हुआ था। इसमें 1.80 लाख वार्षिक आय वालों को शामिल किया गया है। इसमें शामिल पात्रों का पहले नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य जांच कराकर डाटा तैयार करना है। जिससे उनके स्वास्थ्य को सुधारा जा सके। इसके लिए लोगों को बीके नागरिक अस्पताल में अपनी जांच कराकर कार्ड बनवाना जरूरी है। इसी योजना में पहले चल रहे आयुष्मान भारत योजना को भी शामिल कर लिया गया है। इसके लिए जिला स्तर पर एक अलग से टीम बैठती है। इसके अलावा पीएचसी और सीएचसी केंद्रों पर भी इस बारे में लोगों को जानकारी दी जाती है।
हड़ताल के चलते नहीं हो रहा प्रचारकरीब एक माह पहले इस कार्य को कर रहे कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी थी। इससे करीब दो माह तक कार्ड बनाने का काम प्रभावित हुआ। दूसरा बीच में आंगनबाड़ी वर्कर भी हड़ताल पर रही। इसके अलावा अभी गांवों व मोहल्लों में इसका पूरा प्रचार नहीं हो पाया है। जानकारी के अभाव में भी लोग इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। जिन लोगों के नाम लिस्ट में हैं, उन्हें भी इसकी जानकारी नहीं हैं। इसके अलावा पीपीपी में त्रुटि होने से भी पंजीकरण कराने में परेशानी होती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से नागरिक अस्पताल में इसके लिए इंतजाम है। पीएचसी और सीएचसी स्तर पर इंतजामों की कमी है।