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बिहार के प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के दोषी को उम्रकैद

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मृतक प्रवीन विश्वकर्मा की फाइल फोटो। - फोटो : Faridabad
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बिहार के प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के दोषी को उम्रकैद
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फरीदाबाद। पटना (बिहार) से प्रापॅर्टी डीलर प्रवीण विश्वकर्मा को यहां बुलाकर हत्या करने के आरोपी वरुण कुमार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जेबी गुप्ता की अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। हत्यारे प्रवीण को मरा हुआ समझकर अरावली के जंगलों में फेंक कर फरार हो गए थे। होश में आने पर घायल ने अपने दोस्त को फोन कर घटना की जानकारी दी थी। जब तक पुलिस व परिजन उस तक पहुंचते प्रवीण की मौत हो चुकी थी। इस मामले में गिरफ्तार पांच अन्य आरोपियों को अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।
गांव बारिया, पटना निवासी प्रवीण विश्वकर्मा वहां प्रॉपर्टी डीलिंग करता था। वरुण के पिता रामप्रवेश विश्वकर्मा के अनुसार, प्रवीण ने पटना में वरुण कुमार उर्फ वर्धमान नाम के युवक के साथ जमीन की डील की थी। एग्रीमेंट के बाद प्रवीण और उसके पार्टनर मनोज ने वरुण को 1.36 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया था। मगर उसके बावजूद न तो वरुण जमीन की रजिस्ट्री करवा रहा था और न ही पैसे लौटा रहा था। इस पर प्रवीण ने वरुण के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवा दिया था। वरुण इसको लेकर प्रवीण से रंजिश रखने लगा था और उसने उसे सबक सिखाने की ठान ली थी। वरुण ने अपने दोस्त अजय के माध्यम से प्रवीण से संपर्क किया और जमीन खरीदने की बात कही। जमीन देखने के बाद अजय ने डील के लिए प्रवीण को दिल्ली बुलवाया। उसने प्रवीण को हवाई जहाज का टिकट भी भेजा।
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होटल में ठहराया था
29 नवंबर 2017 को प्रवीण बिहार से दिल्ली आ गया। वहां से उसे फरीदाबाद बुलाया गया और यहां एक होटल में ठहराया गया। योजना के अनुसार उसी रात वरुण ने कार भेजकर प्रवीण को होटल से बुलवा लिया। वरुण उसकी कार के पीछे दूसरी कार में चल रहा था। सूरजकुंड पाली रोड पर वरुण ने उसकी कार रुकवाई और उसे जंगल में ले गया। जहां पहले उसे बुरी तरह पीटा गया और फिर वरुण ने उसको दो गोलियां मार दी। आरोपी उसे मरा हुआ समझ कर वहां से फरार हो गए। 30 नवंबर को तड़के करीब चार बजे होश में आने पर प्रवीण ने अपने पार्टनर मनोज को फोन कर सारी बात बताई। मनोज ने उसके परिजनों को इसकी सूचना दी। यहां दिल्ली में रहने वाले रिश्तेदारों ने प्रवीण की तलाश शुरू की। इस दौरान परिजनों ने पुलिस से भी संपर्क किया, मगर उन्हें मदद नहीं मिल पाई। जब तक पुलिस और परिजन प्रवीण तक पहुंचे, उसकी मौत हो चुकी थी।
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पांच बाउंसर गिरफ्तार हुए थे
पुलिस ने इस मामले में वरुण व उसके पांच बाउंसरों मुंबई निवासी मोहम्मद इमरान, अगवानपुर, सराय ख्वाजा निवासी फिरोज खान, उत्तम नगर, दिल्ली निवासी मोहित, द्वारका धाम, दिल्ली निवासी ज्ञानेंद्र कुमार और बिहार निवासी रणधीर को गिरफ्तार किया था। तब से मामला अदालत में विचाराधीन था। मंगलवार को अदालत ने वरुण को दोषी करार दिया था, जबकि सबूतों के अभाव में बाकी पांचों आरोपियों को बरी कर दिया। बृहस्पतिवार को अदालत ने इस मामले में वरुण उर्फ वर्धमान को उम्रकैद व 22 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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