फर्जी डीडी के माध्यम से बैंक से निकाले एक करोड़, केस दर्ज
असली डिमांड ड्राफ्ट देखने बाद हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एनआईटी पांच रोड स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में फर्जी डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) लगाकर एक युवक ने बैंक से एक करोड़ रुपये निकाल लिए। भुगतान के दो दिन बाद ही दिल्ली स्थित दूसरे बैंक की शाखा में असली डीडी को दूसरा युवक निरस्त करवाने पहुंच गया। फर्जीवाडे का पता लगने पर बैंक प्रबंधक ने पुलिस में शिकायत दी है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नीलम रेलवे रोड स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंधक ब्रजेश गुप्ता ने थाना एनआईटी में दी शिकायत में बताया कि छह साल से उनके यहां झरना पैकेजिंग संजय कॉलोनी सेक्टर-22 के मालिक सुभाष काॅलोनी निवासी ओमकार शर्मा का खाता है। 19 जनवरी को ओमकार एक करोड़ का डीडी लेकर आया। ड्राफ्ट यूनियन बैंक ऑफ इंडिया नेहरू प्लेस, नई दिल्ली की शाखा ने 17 जनवरी को जारी किया था। ड्राफ्ट में सभी तरफ की जरूरी जानकारियां सही थीं। ड्रॉफ्ट झरना पैकेजिंग के नाम पर ही था। तसल्ली के बाद बैंक ने एक करोड़ का भुगतान कर दिया। दो दिन बाद दिल्ली की शाखा में एक व्यक्ति असली बैंक ड्राफ्ट के साथ आया और उसे कैंसल करा गया।
इधर, नीलम एनआईटी ब्रांच की तरफ से दिल्ली ब्रांच को ड्राफ्ट भेजकर भुगतान के लिए कहा गया तो मामले का खुलासा हुआ। बैंक प्रबंधन ने झरना पैकेजिंग के मालिक ओमकार से कई बार संपर्क साधा लेकिन नंबर बंद आ रहा है। आरोप है कि दोनों ने आपसी साठगांठ के जरिये बैंक से एक करोड़ ठग लिए।
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विधायक की फर्जी मुहर लगाकर बना दिए आधार कार्ड, केस
फरीदाबाद। एनआइटी से कांग्रेस पार्टी के विधायक नीरज शर्मा के फर्जी लेटर हेड पर फर्जी मुहर लगाकर प्रवासियों के आधार कार्ड बनाए दिए गए। करीब पांच माह पहले मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने एक गिरोह को पकड़ा तो मामले का खुलासा हुआ था। इसके बाद विधायक ने इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को इसकी शिकायत की थी। मंत्रालय की जांच में पता चला कि विधायक के फर्जी लेटर हेड और मुहर से 38 लोगों के आधार कार्ड बनाए गए हैं। मंत्रालय की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर कार्ड बनाने वालों की तलाश में जुट गई है। सभी फर्जी कार्ड प्रवासियों के ही बनाए गए हैं।