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Faridabad News: मेवाती गिरोह की मांग पर फरीदाबाद से मजदूरों का अपहरण कर खुलवाए थे बैंक खाते

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दो आरोपियों को अपराध शाखा ऊंचागांव की टीम ने किया काबू
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1 खाता खुलवाने के मिलते हैं 10 हजार रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बल्लभगढ़ एरिया में चौक से मजदूरों का कार में अपहरण कर मेवात ले जाकर बैंक खाते खुलवाने की वारदात मेवाती गिरोह की मांग पर की गई थी। अपराध शाखा की टीम ने कार्रवाई करते हुए कैब चालक शाहिद (30) और उसके चचेरे भाई जावेद खान (30) को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों गाजियाबाद के बेहाता गांव के मूल निवासी हैं और अब फरीदाबाद के जीवन नगर गोच्छी पार्ट टू में रहते हैं। पाली चौक के पास से इन्हें काबू किया गया है।

पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि शाहिद बीए पास है और कैब चलाता है। जबकि जावेद बेरोजगार है। वारदात में प्रयोग की गई कार शाहिद के मौसा की है और पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है।
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कैब चालक शाहिद की मेवात के एक ठग गिरोह से दोस्ती है। वो गिरोह बैंक खाता खुलवाकर उसके दस्तावेज अपने पास रख लेते हैं और बाद में खातों में रुपये ट्रांसफर करवाते हैं। गिरोह ने शाहिद को कहा था कि किसी का बैंक खाता खुलवाओंगे तो तुम्हें 10 हजार रुपये मिलेंगे। शाहिद ने अपने चचेरे भाई जावेद को साथ लेकर बल्लभगढ़ एरिया से मजदूरी कराने के बहाने तीन मजदूरों को कार में बैठाया। आरोपी इन्हें मेवात ले गए और वहां इनके आधार कार्ड से सिम जारी कराई। उसके बाद निजी बैंक में इन मजदूरों का ऑनलाइन खाता खुलवाया गया। बाद में इन्हें कार में बैठाकर वापस फरीदाबाद छोड़ दिया। आरोपी शाहिद को रिमांड पर लेकर टीम पूछताछ कर रही है। जबकि जावेद को जेल भेज दिया गया है।
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मामले में यूपी बुलंदशहर के मूल निवासी और अब मिर्जापुर गांव में रहने वाले संदीप ने शहर बल्लभगढ़ थाना पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि बुधवार 2 अप्रैल को सुबह लगभग 9 बजे वो दो साथी मजदूरों के साथ लेबर चौक पर खड़े थे। स्विफ्ट कार सवार 2 युवक आए और कंपनी में मजदूरी कराने की बात कहकर तीनों को अपनी कार में बैठा लिया। आरोपी बोले कि कंपनी में काम के लिए आईडी चाहिए। तीनों मजदूरों के किराये के मकान पर जाकर आधार कार्ड लेकर आने को कहा। कार फरीदाबाद से बाहर जाने लगी तो मजदूरों ने विरोध जताया। जिस पर आरोपियों ने चाकू दिखाकर धमकाया। फिर नूंह के रिंगड गांव के खेतों में ले गए तो वहां 8-10 अन्य लोग भी थे। बंधक बनाकर खेत में ही बैठाया और जबरन बैंक खाते खुलवाकर रुपये निकाल लिए थे।
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