फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: अधिकारियों ने दिए निर्देश, कर्मचारियों ने की खानापूर्ति

विज्ञापन
विज्ञापन
बीके अस्पताल में नहीं की गई तालाब की सफाई, छोड़ी गंबूजिया मछली
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग ने बुखार ग्रस्त प्रत्येक मरीज की स्लाइड बनाने के कर्मियों को निर्देश दिए
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। गुरुग्राम में डेंगू के चार मामले सामने आने के बाद फरीदाबाद स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने बुखार ग्रस्त प्रत्येक मरीज की स्लाइड बनाने के कर्मियों को निर्देश दिए हैं। इसके अलावा लार्वा नष्ट करने के लिए विभाग की ओर से जिले के 160 तालाबों में गंबूजिया मछलियों को छोड़ा गया है। नियमों के अनुसार गंबूजिया मछलियों को साफ पानी में छोड़ा जाता है लेकिन कर्मचारियों ने खानापूर्ति करने के लिए बीके अस्पताल में बने तालाब को साफ करे बिना ही मछलियों को छोड़ दिया है।


अब तक विभाग की ओर से करीब 60 हजार स्लाइड तैयार की जा चुकी हैं। पहले विभाग पांच से दस हजार मरीजों की स्लाइड तैयार कर रहा था, लेकिन अब कर्मचारियों को 20 से 25 हजार स्लाइड तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं। वहीं, शहर के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को जागरूक करने और लार्वा की जांच के लिए करीब 20 टीमें गठित की गई हैं। पिछले दो महीने में नियमों की पालना न करने पर 100 लोगों को नोटिस दिया जा चुका है।
विज्ञापन



बीके अस्पताल के तालाब को नहीं करवाया साफ

मलेरिया विभाग की तरफ से गंबूजिया मछलियों के तालाब की सफाई नहीं करवाई गई। इसके कारण पानी का रंग काई जमने के कारण पूरा हरा पड़ गया है। तालाब पर एक बोर्ड लगा हुआ था, जिसमें लिखा था कि गंबूजिया मछली साफ पानी में रहने वाली मछली हैं, जोकि आकार में अन्य मछलियों की अपेक्षा छोटी होती हैं। मादा मछली आकार में नर मछली से बड़ी होती हैं। यह मछलियां मच्छर जनित रोगों से बचाव में अहम भूमिका निभाती हैं। यह मच्छरों के लार्वा को खाती हैं, जिससे मच्छरों की संख्या पर रोक लगती है। इसके बावजूद तालाब को साफ नहीं किया गया। बीके अस्पताल सहित जिले में करीब 160 तालाब में गंबूजिया मछलियों को छाेड़ा जा चुका है, जिसमें मोहना और छांयसा में नए तालाब करीब पांच वर्ष पहले बने थे।
विज्ञापन


संवेदनशील गांवों में रखी जाएगी नजर
डॉ. राम भगत ने बताया कि जिले के गांव मोहना, छांयसा, सागरपुर, हीरापुर, सागरपुर, कुराली, चांदपुर, फज्जूपुर, इमामुद्दीन पुर, शाहजहांपुर, दलीलपुर गांव को संवेदनशील घोषित किया गया है। वहीं, इस बार विभाग के अधिकारियों ने अरुआ, एहसानपुर, साहूपुरा, नया गांव, नंगला, मोठूका गांव को संवेदनशील चिन्हित किया गया है।

पिछले वर्षों के डेंगू व मलेरिया के मामले

वर्ष मलेरिया डेंगू ब्लड स्लाइड



2020 09 32 54,912

2021 347 09 71,509



2022 03 13 2,61,394

2023 01 00 1,06,578



2024 00 00 60,000
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें