उपमंडल में डेंगू जानलेवा हो गया है। रविवार शाम को नूंह के मेडिकल कॉलेज में में भर्ती गांव डाडका के सरपंच यूसुफ खान के 24 वर्षीय भतीजे की डेंगू के कारण मौत हो गई। सोमवार को परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग अभी इसे संदिग्ध मानकर चल रहा है और रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा है। बात दें कि उपमंडल में पिछले एक सप्ताह से डेंगू के दो मामले सामने आए, जिसमें एक युवक की मौत हो गई। दूसरा व्यक्ति स्वस्थ हो गया।
ग्रामीण डेंगू के बढ़ते मामले को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, प्रशासनिक अधिकारी गांवों व शहर में नियमित फॉगिंग करा रहे हैं। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी मनजीत सिंह सोकी ने बताया कि नागरिक अस्पताल से आने वाली डेंगू की रिपोर्ट के अनुसार ही फॉगिंग करवाई जाती है। उस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम साथ रहती है। यदि किसी पार्षद की मांग आती है तो उसके क्षेत्र में फॉगिंग करवाई जाती है। उन्होंने कहा कि युवक की मौत के मामले की जांच की जा रही है। अभी कुछ रिपोर्ट आना बाकी है। अभी तक युवक की मौत संदिग्ध केस मानकर चल रहा हैं। गांव के युसूफ खान ने बताया कि उनके भतीजे आमिर को अचानक बुखार आया । जब उन्होंने निजी अस्पताल में प्लेटलेट टेस्ट के अलावा रैपिड डेंगू का टेस्ट करवाया तो वह पॉजिटिव पाया गया । इसके बाद उन्होंने बुखार से पीड़ित अपने भतीजे को नूंह के नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया। जंहा इलाज के दौरान उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और उसकी मौत हो गई। वंही, अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनजीत सिंह सोखी ने कहा कि इस केस में जांच के बाद ही कुछ कह जा सकता हैं।