शिक्षा विभाग ने गुरु मित्र एप किया अनिवार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को हाईटेक और डिजिटल बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों और सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों में सभी शिक्षकों से गुरु मित्र एप अनिवार्य रूप से डाउनलोड कराएं।
शिक्षा विभाग के अनुसार, यह एप एक एआई-सक्षम शैक्षिक सहायता प्लेटफॉर्म है। इसे विशेष रूप से शिक्षकों की दैनिक शैक्षणिक और व्यावसायिक गतिविधियों को आसान और प्रभावी बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह एप शिक्षकों को बेहतरीन पाठ योजना और शिक्षण-अधिगम सामग्री तैयार करने में मदद करेगा। इसके जरिये छात्रों के मूल्यांकन से संबंधित कार्यों, कंटेंट क्रिएशन और क्लासरूम मैनेजमेंट को सुगम बनाया जा सकेगा।
साथ ही शिक्षकों को नए और उन्नत डिजिटल शैक्षिक संसाधनों की उपलब्धता एक ही जगह पर मिलेगी। इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की कार्यक्षमता को बढ़ाना और उनकी उत्पादकता में सुधार करना है। शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों को निर्देश दिया है कि वे शैक्षणिक उत्कृष्टता और अपने व्यावसायिक विकास के लिए इस एप का नियमित उपयोग शुरू करें, ताकि राज्य की स्कूली शिक्षा में तकनीक का सही एकीकरण सुनिश्चित हो सके।
एप की विशेषता
- पाठ योजना : शिक्षक विषय और टॉपिक चुनकर छात्रों के स्तर के अनुसार कस्टमाइज्ड लेसन प्लान तैयार कर सकते हैं।
- क्विज और असाइनमेंट : चुनिंदा विषयों के आधार पर तुरंत टेस्ट, क्विज और होमवर्क असाइनमेंट जेनरेट किए जा सकते हैं। - अनुकूलित सामग्री : एप के भीतर की अध्ययन सामग्री क्लास के स्तर और संबंधित विषय के अनुसार खुद को ढाल लेती है। - व्यक्तिगत सहायता : शिक्षक किसी भी विषय या टॉपिक से जुड़े अपने सवाल पूछकर तुरंत मदद पा सकते हैं। -सुरक्षित लॉगिन : शिक्षक ईमेल और पासवर्ड के जरिए एप में सुरक्षित रूप से लॉग इन कर सकते हैं।