तीन प्रमुख जोन बल्लभगढ़, बड़खल और एनआईटी में करीब 7 करोड़ रुपये की तीन परियोजनाओं को मंजूरी
रोजाना समय पर साफ होंगे कचरा पाइट्स
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम ने शहर को स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाने के लिए बहुआयामी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। एक ओर निगम ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए 350 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी परियोजना को मंजूरी दी है, वहीं दूसरी ओर पुराने खत्तों और डंपिंग स्थलों की सफाई के लिए 10 करोड़ रुपये से अधिक की योजना पर काम शुरू किया गया है। अब निगम ने ठोस कचरे के कुशल परिवहन और निपटान के लिए तीन प्रमुख जोन बल्लभगढ़, बड़खल और एनआईटी में करीब 7 करोड़ रुपये की तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसके तहत अब खत्तों से समय पर कूड़े का उठान होगा। यह परियोजना न केवल शहर की स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करेगी, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक निर्णायक कदम भी साबित होगी।
तीन जोन में एक लक्ष्य-कचरा मुक्त फरीदाबाद
नगर निगम के अनुसार इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य सेकेंडरी कलेक्शन पॉइंट (जहां डोर-टू-डोर कचरा जमा होता है) से कचरे को समय पर उठाकर निर्धारित प्रोसेसिंग साइट या डंपिंग जोन तक पहुंचाना है। इसके लिए तीन अलग-अलग परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। आज कल में ही दो जोन में भी ऐसी परियोजनाओं को मंजूरी मिल जाएगी। 33 से 7 किलोमीटर की दूरी पर निगम की तरफ से पाॅइंट सलेक्ट किए गए हैं। इससे लोगों को साफ सुथरा शहर मिलेगा व आस-पास गंदगी से छुटकारा मिलेगा। कचरे के कारण फैल रही बीमारियों पर भी रोक लग सकेगी।
जोन के अनुसार लागत और दूरी
जोन अनुमानित लागत
परिवहन दूरी
बल्लभगढ़
2.38 करोड़ लगभग 33 किमी
बड़खल 2.04 करोड़ लगभग 24 किमी
एनआईटी
2.05 करोड़ लगभग 7 किमी
तकनीक की भी ली जा रही है मदद
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल सफाई का नहीं, बल्कि सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जहां तकनीक और जवाबदेही दोनों को प्राथमिकता दी जा रही है।
जवाबदेही के साथ लागू की जा रही सख्त व्यवस्था
- जीपीएस ट्रैकिंग और जियो-टैगिंग : हर परिवहन वाहन में जीपीएस अनिवार्य होगा, ताकि उसकी वास्तविक समय में निगरानी की जा सके।
- टाइम स्टैंप और रिपोर्टिंग : ठेकेदारों को प्रत्येक ट्रिप की समय-मुद्रांकित तस्वीरें और दैनिक रिपोर्ट निगम को सौंपनी होगी।
- भविष्य में हो सकते हैं बदलाव: यदि डंपिंग साइट बदली जाती है तो 5 किलोमीटर की सीमा में दरें वही रहेंगी। दूरी बढ़ने या घटने पर दरें अनुपातिक रूप से तय की जाएंगी।
- एजेंसी पर भी हो सकता है एक्शन : यदि किसी एजेंसी ने कचरा निगम की अनुमति वाली साइट से इतर कहीं फेंका, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
- भविष्य में कचरे से खाद और बिजली बनाने की योजना के तहत किया जा रहा काम
लोगों की रहेगी सबसे अहम भूमिका
नगर निगम ने फरीदाबाद के नागरिकों से अपील की है कि वे इस सफाई अभियान का हिस्सा बनें। घरों से निकलने वाला सूखा और गीला कचरा अलग-अलग दें, ताकि पुनर्चक्रण (रिसाइकिलिंग) और निपटान आसान हो सके।
शहर को स्वच्छ बनाने के लिए निगम की तरफ से तेजी से काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के दिशा निर्देश पर शहर का हर कोना साफ व स्वच्छ बनाया जाएगा। - गौरव अंतिल, अतिरिक्त उपायुक्त नगर निगम