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गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को हरी झंडी

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फरीदाबाद (धनंजय चौहान)। ईएसआईसी से जुड़े कार्ड धारकों के लिए अच्छी खबर है। अब सुपर स्पेशिलिटी इलाज के लिए उन्हें निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में निजी अस्पतालों की तर्ज पर किडनी, हार्ट व ब्रेन की बीमारियों का इलाज भी मिल सकेगा। ईएसआईसी मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद अब विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की तैयारी चल रही है।
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एनआईटी तीन स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज से करीब छह लाख कार्ड धारक जुड़े हुए है। फरीदाबाद जिले के साथ साथ यहां गुरुग्राम, पलवल, होडल, हथीन, मेवात, सोनीपत, पानीपत, जींद जिले से भी मरीज इलाज के लिए रेफर किए जाते हैं। मौजूदा समय में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में टर्सरी केयर यानी ऑपरेशन व अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं हैं लेकिन किडनी, हृदय, माइंड व कैंसर जैसी घातक बीमारियों का इलाज संभव नहीं हो पा रहा था। इससे ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में रेफर होकर आने वाले मरीजों को भी आगे निजी अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता था। इस कारण ईएसआईसी की ओर से निजी अस्पतालों को हर माह करोड़ों रुपये का भुगतान रेफर किए गए मरीजों के इलाज की एवज में करना पड़ रहा था।
केवल हृदय रोग के लिए एक साल में सौ करोड़ का भुगतान
वर्ष 2019-20 में ह्दय रोगियों को रेफर करने के बाद सौ करोड़ का भुगतान ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज ने जिले के निजी अस्पतालों को किया था।
वहीं, जिले के बीके सिविल अस्पतताल में भी पीपीपी मोड पर दिल के इलाज के लिए स्पेशल हार्ट सेंटर की सुविधा उपलब्ध हैं। यहां निजी अस्पतालों की तुलना में आधे से कम रेट पर मरीजों को इलाज मुहैया हो रहा है। ऐसे में कई जिलों को रेफर मरीजों के इलाज के लिए चुने जाने वाले ईएसआईसी अस्पताल में इलाज न मिलना एक बड़ी समस्या थी।
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अब 22 विशेष बीमारियों का इलाज भी होगा
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के रजिस्ट्रार डॉ. अनिल पांडेय ने बताया कि मुख्यालय द्वारा अस्पताल में 22 सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं बढ़ाने को मंजूरी जनवरी में मिली है। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी पूरी करने के लिए साक्षात्कार शुरू हो चुके हैं। प्रयास है कि ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में मरीजों को हर तरह की बीमारी का खास इलाज मिले। इसी दिशा में 22 बीमारियों के इलाज को मंजूूरी मिलने के बाद अस्पताल में नेफ्रोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, न्यूरोलॉजी, हृदय रोग, कैंसर, श्वास रोग, यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, पिडियाट्रिक्स सर्जरी, नियोनेटोलॉजी, इंडो क्रोनोलॉजी की सुविधाएं बढ़ेंगी। 510 बेड के अस्पताल में मरीजों को प्राथमिक सुविधाएं पहले से ही मिल रही हैं।
कैथलेब के लिए टेंडर जारी
अस्पताल में कैथलेब निर्माण के लिए टेंडर जारी किए गए है। इस पर जल्द कार्य शुरू होने की उम्मीद है। न्यूरोलॉजी विभाग में मरीजों को विशेष इलाज के लिए दिमाग के सामान्य डॉक्टर, ऑपरेशन के लिए सर्जन व सहायकों की जरुरत होगी। इसकी प्रक्रिया साक्षात्कार के जरिए पूरी की जा रही है। किडनी रोग के लिए वरिष्ठ प्रोफेसर और डॉक्टरों के साक्षात्कार लिए जा रहे हैं।
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