अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। गौंछी क्षेत्र में विकसित अवैध कॉलोनी के मकानों पर जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) विभाग द्वारा नोटिस चस्पा किए जाने के बाद हजारों लोगों में अनिश्चितता का माहौल बन गया है। एक ओर विभाग अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय निवासी कॉलोनाइजरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और अपने मकानों को बचाने की गुहार लगा रहे हैं।
विभाग ने मकान मालिकों से संपत्ति से जुड़े दस्तावेज कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा है। नोटिस लगने के बाद क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है और लोगों को आशंका है कि कहीं नेहरू कॉलोनी की तरह यहां भी तोड़फोड़ की कार्रवाई न हो जाए।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि करीब दस वर्ष पहले कॉलोनी विकसित हुई थी और लोगों ने अपनी जीवनभर की बचत लगाकर प्लाट खरीदकर मकान बनाए। अब कॉलोनी में लगभग 90 प्रतिशत बसावट हो चुकी है और हजारों परिवार यहां रह रहे हैं। ऐसे में यदि कार्रवाई होती है तो बड़ी संख्या में लोग प्रभावित होंगे।
निवासियों ने यह भी सवाल उठाया कि जब कॉलोनी विकसित हो रही थी तब संबंधित विभागों ने समय रहते रोकथाम क्यों नहीं की। उनका कहना है कि यदि जमीन अवैध थी तो जिम्मेदारी कॉलोनाइजरों की तय होनी चाहिए, क्योंकि खरीदारों ने भुगतान कर वैध तरीके से प्लाट खरीदने का विश्वास किया था।
दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। हाल ही में नेहरू कॉलोनी में भी बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई थी और अब अन्य क्षेत्रों की जांच की जा रही है।
स्थानीय लोग अपने जनप्रतिनिधियों से भी मिले हैं और कार्रवाई रोकने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्षों से रह रहे परिवारों के हितों की रक्षा करते हुए सरकार को ऐसा समाधान निकालना चाहिए जिसमें कानून का पालन भी हो और निर्दोष खरीदारों को भी राहत मिल सके। इस पूरे मामले पर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई और दस्तावेजों की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।