- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने डीजी सेट चलाने वालों पर शिकंजा कसना किया शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जनरेटर (डीजी सेट) चलाने वाले उद्योगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से डीजी सेट को सीएनजी-पीएनजी में नहीं बदलने वाले 50 से अधिक उद्योगों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इन्हें सील कर दिया जाएगा। उद्योगों के बाद शहर की हाई राइजिंग बिल्डिंगों में चलने वाले जनरेटरों की जांच की जाएगी, यदि बिल्डरों और रेजिडेंट्स ने डीजल जनसेट नहीं बदले होंगे तो उन्हें भी सील किया जाएगा। कमीशन फाॅर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) के आदेश पर प्रदूषण नियंंत्रण बोर्ड ने एक अक्तूबर से सभी औद्योगिक इकाइयाें में जनरेटर चलाने पर पाबंदी लगा रखी है। बावजूद बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां अभी भी पीएनजी के स्थान पर डीजल जनसेट ही चला रही हैं। बोर्ड ने आईएमटी और सेक्टर 58 औद्योगिक क्षेत्रों में जांच कर ऐसे 50 से अधिक औद्याेगिक इकाइयों की पहचान की। जिनमें अभी डीजल जनसेट चलते हुए पाए गए। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय अधिकारी आकांक्षा तंवर ने बताया कि जिन औद्योगिक इकाइयों में जनसेट मिले हैं, उन सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो उनके जनसेट सील किए जाएंगे। इसमें किसी प्रकार की कोई रियायत नहीं दी जाएगी।
डीएलएफ क्षेत्र में जनरेटर होंगे सील
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ उज्जवल डागर ने बताया कि सीएक्यूएम के आदेश पर डीएलएफ क्षेत्र में स्थित एक औद्योगिक इकाई के जनसेट को सील करने के आदेश मिल चुके हैं। जल्द ही उसे सील कर दिया जाएगा। तंवर ने बताया कि बोर्ड की ओर से गत एक अक्तूबर तक जनसेट बदलने का समय दिया गया था। उन्होंने बताया कि शहर के अस्पतालों ने अपने जनसेट में पीएनजी किट लगवा ली है। छोटे नर्सिंग होम जहां 23-24केवीए के जनसेट लगे हैं, वहां बदलने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि ग्रेटर फरीदाबाद, सराय, सूरजकुंड आदि एरिया में 100 से अधिक बहुमंजिला सोसाइटियां बनी हैं। इन सभी में पॉवर बैकअप के लिए डीजल जनसेट का उपयोग किया जाता है। हाई राइजिंग सोसाइटियों में भी अभी बड़ी संख्या में डीजल के जनसेट चलाए जा रहे हैं। जल्द ही इनकी जांच की जाएगी। जहां भी डीजल जनसेट पाया जाएगा। उन्हें नोटिस जारी कर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
प्रदूषण ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
कड़ाके की ठंड के साथ ही बढ़ते प्रदूषण ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सड़कों पर समुचित पानी का छिड़काव नहीं होने और जगह-जगह कूड़े में आग, निर्माण कार्य जारी रहने से प्रदूषण स्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। साथ ही वाहनों के आवागमन से उड़ने वाली धूल शहर की हवा को और जहरीली बना रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी सूची के अनुसार बुधवार को फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 321 और बल्लभगढ़ का 297 दर्ज किया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी संदीप सिंह ने कहा कि विभाग की टीमें लगातार जांच कर रही है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।