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Faridabad News: कम ही नहीं, ज्यादा दूध भी नवजात के लिए नुकसानदायक

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बच्चे को उल्टी, पेट दर्द, गैस, दस्त और बेचैनी जैसी परेशानियां हो सकती हैं
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संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। नवजात की देखभाल में दूध पिलाना सबसे अहम जिम्मेदारी होती है, लेकिन सही जानकारी के अभाव में कई बार माता-पिता अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो बच्चे की सेहत पर भारी पड़ सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नवजात को कम दूध पिलाना जितना नुकसानदायक है, उतना ही जरूरत से ज्यादा दूध पिलाना भी समस्याएं पैदा करता है, जिसे मेडिकल भाषा में ओवर फीडिंग कहा जाता है।

बीके नागरिक अस्पताल की शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. ईशा ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि कई माता-पिता हर रोने को भूख समझकर बच्चे को दूध पिला देते हैं, जबकि ऐसा जरूरी नहीं होता। नवजात शिशु कई बार नींद, गीले कपड़े या पेट में गैस के कारण भी रोता है। ऐसे में जरूरत से ज्यादा दूध पिलाना उसकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।
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एकॉर्ड अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रभात ने बताया कि नवजात का पेट बहुत छोटा होता है और उसकी पाचन क्षमता भी सीमित होती है। जरूरत से ज्यादा दूध पिलाने पर बच्चे को उल्टी, पेट दर्द, गैस, दस्त और बेचैनी जैसी परेशानियां हो सकती हैं। कई मामलों में बार-बार दूध पिलाने से सांस लेने में भी दिक्कत महसूस होती है। ओवर फीडिंग के संकेतों में दूध पीने के बाद बार-बार उल्टी होना, पेट का फूला रहना, लगातार रोना और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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भूख लगने पर खुद संकेत देता है बच्चा
डॉ. ईशा ने बताया कि शिशु भूख लगने पर खुद संकेत देता है, जैसे होंठ चूसना, मुंह खोलना या हाथ मुंह में डालना। दूध पीकर संतुष्ट होने पर वह स्वयं पीना बंद कर देता है। डॉक्टरों ने माता-पिता को सलाह दी कि शिशु को समय-समय पर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दूध पिलाएं और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।
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