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Faridabad News: जिला अस्पताल में सेनेटरी नैपनिक तक की सुविधा नहीं

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अचानक पीरियड आने की स्थिति में महिलाओं को करना पड़ता है असहज स्थिति की सामना
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नीरज धर पाण्डेय

फरीदाबाद। मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर जहां महिलाओं को माहवारी के दौरान साफ-सफाई और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं फरीदाबाद के बीके नागरिक अस्पताल की व्यवस्थाएं इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही हैं। अस्पताल में महिलाओं के लिए सेनेटरी नैपकिन जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। वहीं अस्पताल परिसर में गंदगी, दुर्गंध और खराब शौचालय व्यवस्था के कारण मरीजों और तीमारदारों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


अस्पताल की ओपीडी में इलाज कराने पहुंचीं महिलाओं ने बताया कि अचानक पीरियड आने की स्थिति में अस्पताल में कहीं भी सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध नहीं मिलते। मजबूरी में उन्हें अस्पताल से बाहर मेडिकल स्टोर तलाशने पड़ते हैं। महिलाओं का कहना है कि सरकारी अस्पताल में कम से कम इमरजेंसी उपयोग के लिए सेनेटरी नैपकिन की व्यवस्था होनी चाहिए।
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आधी आबादी के लिए बंद दरवाजा, पुरुष शौचालय का सहारा
अस्पताल की ओपीडी में महिलाओं के लिए बना शौचालय लंबे समय से बंद पड़ा है। मासिक धर्म या अन्य स्थिति में महिला मरीजों और उनके साथ आने वाली तीमारदारों को मजबूरी में पुरुष शौचालय का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। ओपीडी में इलाज कराने पहुंचीं महिलाओं ने बताया कि महिला शौचालय बंद होने से उन्हें काफी परेशानी और असहजता का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं का कहना है कि अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में महिला मरीज आती हैं, इसके बावजूद महिला शौचालय बंद होना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने मांग की कि जल्द शौचालय शुरू कराया जाए और महिलाओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।


अस्पताल में पिछले सात दिन से बच्चे को लेकर भर्ती हूं। महिला शौचालयों की हालत बेहद खराब है। कई जगह बदबू और गंदगी रहती है। सेनेटरी नैपकिन की जरूरत पड़ने पर बाहर से लाना पड़ता है। -आसमा, सेक्टर-23


मैं जांच कराने अस्पताल आई थी। इसी दौरान शौचालय जाने की जरूरत महसूस हुई, लेकिन अस्पताल में महिलाओं का शौचालय बंद पड़ा है। इसलिए पुरुषों का शौचालय इस्तेमाल करना पड़ा। - इंद्रावती, सेक्टर-22


सरकार स्वच्छता अभियान चला रही है, लेकिन सरकारी अस्पतालों में ही बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। अस्पताल की तरफ से सेनेटरी नैपकिन रखना तो दूर उसके निस्तारण के लिए डस्टबिन तक नहीं हैं।-पूजा, नहरपार निवासी


अस्पताल की ओपीडी में हड्डी के डॉक्टर को दिखाने आई थी। शौचालय में बहुत दुर्गंध है। पुरुष व महिलाएं एक ही शौचालय में जा रहे हैं। असहज महसूस हुआ।-गीता देवी, मुजेसर निवासी
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अस्पताल में सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। गंदगी की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। जहां भी गंदगी दिखाई देती है, कर्मचारी तुरंत फोटो साझा करते हैं और कार्रवाई की जाती है। ओपीडी में महिला शौचालय में मरम्मत कार्य चल रहा है, इसी वजह से वह बंद है। जल्द ही उसे दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।-डॉ. विकास गोयल, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी
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