फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: नो पीयूसीसी, नो फ्यूल...पेट्रोल पंपों पर नियम गए भूल

विज्ञापन
विज्ञापन
उपायुक्त के आदेश के बाद भी कर्मचारियों ने प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं मांगा
विज्ञापन


गौरव मिश्रा

फरीदाबाद। जिले में प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू किए गए नो पीयूसीसी, नो फ्यूल नियम का पेट्रोल पंपों पर पालन होता नजर नहीं आ रहा है। शुक्रवार को जिला उपायुक्त आयुष सिन्हा ने संबंधित अधिकारियों, पेट्रोल पंप संचालकों और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर नियमों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद पेट्रोल पंपों पर स्थिति में बदलाव नहीं दिखा। शनिवार को की गई पड़ताल में सेक्टर-15 स्थित पेट्रोल पंप पर नियम के पालन से संबंधित बोर्ड तक नहीं लगा मिला। वहीं, अजरौंदा और एनआईटी-5 स्थित पेट्रोल पंपों पर बोर्ड लगे होने के बावजूद कर्मचारियों ने किसी भी वाहन चालक से प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) नहीं मांगा और न ही उसकी वैधता की जांच की।

बोर्ड लगे, लेकिन जांच की व्यवस्था नहीं

सोमवार को पड़ताल के दौरान अजरौंदा मेट्रो स्टेशन और एनआईटी-5 स्थित पेट्रोल पंपों पर नो पीयूसीसी, नो फ्यूल के बोर्ड लगे दिखाई दिए। हालांकि, कर्मचारी सामान्य तरीके से वाहनों में ईंधन भरते रहे। किसी भी वाहन चालक से पीयूसीसी प्रमाणपत्र दिखाने के लिए नहीं कहा गया। न ही वाहन नंबर के आधार पर प्रमाणपत्र की वैधता जांचने की प्रक्रिया अपनाई गई। सेक्टर-15 स्थित पेट्रोल पंप पर तो नियमों के प्रति जागरूक करने वाला बोर्ड भी नहीं मिला। यहां भी वाहन चालकों को सामान्य तरीके से ईंधन मिलता रहा।
विज्ञापन


बता दें कि कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) के दिशा-निर्देश संख्या 101 के तहत बिना वैध पीयूसीसी प्रमाणपत्र वाले वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाना है। इसका उद्देश्य प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर नियंत्रण करना है। नियम के अनुसार, एएनपीआर कैमरों की मदद से वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन कर ऑनलाइन पीयूसीसी की वैधता जांची जानी है। कैमरा आधारित व्यवस्था शुरू होने तक पेट्रोल पंपों पर मैनुअल जांच करने के निर्देश हैं। इसके बावजूद जिले में नियम का प्रभावी क्रियान्वयन शुरू नहीं हो पाया है।
विज्ञापन


करीब 116 पेट्रोल पंपों पर व्यवस्था लागू होने का इंतजार

जिले में करीब 116 पेट्रोल पंप हैं। इनमें एएनपीआर कैमरों के माध्यम से पीयूसीसी की वैधता जांचने की व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है। कैमरे चालू होने तक मैनुअल जांच के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन पेट्रोल पंपों पर इसका पालन होता नहीं दिख रहा। ऐसे में बैठक में दिए गए निर्देशों के बावजूद नियमों की पालना सुनिश्चित करना चुनौती बना हुआ है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें