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गर्भवती का रिसता रहा खून, अस्पताल में नहीं हुआ अल्ट्रासाउंड

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फरीदाबाद। बीके सिविल अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कक्ष में तैनात डॉक्टर के छुट्टी पर होने के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसी कारण धनवंती नाम की एक गर्भवती को खून के तेज रिसाव का जोखिम उठाना पड़ा।
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चार माह की गर्भवती धनवंती पेट दर्द के कारण जांच के लिए पति संग बीके सिविल अस्पताल पहुंची थी। इस दौरान 18 वर्षीय धनवंती को पेट दर्द के साथ खून का भी रिसाव होने लगा। डॉक्टर ने जांच कर महिला को इमरजेंसी में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भेजा। दर्द से पीड़ित गर्भवती अल्ट्रासाउंड केंद्र पहुंची तो वहां कोई नहीं दिखा। थोड़ी देर बाद एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने महिला को मंगलवार की तारीख दे दी। पति ने इमरजेंसी बता सारी बात कर्मचारी को बताई। साथ ही निजी स्तर पर अल्ट्रासाउंड कराने में असमर्थता जताई। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड ठप पड़ा था। पति आर्थिक बेबसी बताता रहा। करीब 15 मिनट के बाद अंत में वह निजी केंद्र के लिए निकल गए।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड केंद्र पर तैनात एक मात्र डॉ. सुशील इन दिनों छुट्टी पर हैं। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन ने डॉक्टर ने होने के कारण 21 तारीख तक केंद्र बंद रखने का नोटिस लगा दिया है। इस दौरान गर्भवती महिलाएं, पेट दर्द में रसौली व अन्य गांठ संबंधी शिकायतों के साथ महिलाएं व अन्य मरीज पहुंच रहे हैं। धनवंती की तरह 6 माह की गर्भवती 30 तन्नु भी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर जांच के लिए पहुंची थी। पाली निवासी तनु ने बताया कि पेट में अचानक दर्द हुआ तो वह जांच के लिए पति संग सिविल अस्पताल पहुंची थी। इस दौरान डॉ. प्रोनिता ने अल्ट्रासाउंड जांच के लिए लिख दिया। मगर डॉक्टर छुट्टी पर होने के कारण उसका अल्ट्रासाउंड ही नहीं किया गया। आदर्श कॉलोनी निवासी 44 वर्षीय पूनम देवी को डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड केंद्र में जांच के लिए भेजा था। उल्टी-दस्त से पीड़ित महिला इस दौरान अल्ट्रासाउंड केंद्र बंद होने के कारण परेशान रही।
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डॉक्टर छुट्टी पर है। सूचना नोटिस अल्ट्रासाउंड केंद्र के बाहर लगा दिया गया है। मरीजों को परेशानी न हो इसका प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. सविता, प्रधान चिकित्सा अधिकारी
बुखार पीड़ितों का बढ़ा आंकड़ा
बीके सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में शनिवार को बुखार, उल्टी-दस्त से पीड़ित कई मरीज भर्ती हुए। पीड़ितों में महिलाएं और बुजुर्ग शामिल रहे। इस दौरान चार दिन से बुखार से पीड़ित साजिया नाम की महिला को पति शोहेब अस्पताल लेकर पहुंचा। डॉक्टर ने इमरजेंसी में मरीज को देखने से इंकार कर पहले उसे फ्रूटी पिलाने की सलाह दी। डॉक्टर ने समझाया कि साजिया की हालत बुखार के अलावा भूख के कारण खराब है। महिला को फ्रूटी पिलाने के बाद ही वह उसकी जांच करेगा।
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