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Faridabad News: फर्जी दस्तावेज के आधार पर 12 साल नौकरी करने के मामले में नहीं हुई कार्रवाई

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बिजली निगम के अधिकारियों ने पुलिस को दी थी शिकायत, छह माह बाद भी नहीं लिया संज्ञान
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संवाद न्यूज एजेंसी

होडल। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के होडल डिवीजन में आईटीआई के फर्जी दस्तावेज लगाकर 12 वर्ष तक नौकरी करने वाले सहायक लाइनमैन को निगम प्रशासन ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। लेकिन निगम के अधिकारियों ने विभाग के साथ धोखाधड़ी करने की शिकायत पुलिस को दी तो थाना पुलिस ने छह महीने से अधिक समय होने के बाद भी आरोपी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया है। इससे पहले भी दो कर्मचारियों के खिलाफ निगम के अधिकारियों ने फर्जी दस्तावेज के मामले में केस दर्ज करवाया था।
दरअसल, बिजली निगम में आईटीआई के फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी करने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे पहले भी निगम के कार्यकारी अभियंता सत्तार खान ने गांव पहाड़ी निवासी रोहताश व कुलदीप निवासी औरंगाबाद को आईटीआई के फर्जी दस्तावेज मिलने के बाद नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाया था और इसके बाद विभाग के साथ धोखाधड़ी करने का केस दर्ज करवाया था। सत्तार खान ने बताया कि निगम के हसनपुर के सब डिविजन कार्यालय में नारायण सिंह निवासी दीघोट को सहायक लाइनमैन के पद पर 26 अक्तूबर 2012 को सरकार द्वारा तैनात किया गया। निगम के मुख्य अभियंता को बलबीर निवासी आदमपुर हिसार ने उसी रोल नंबर की आईटीआई की मार्कशीट जांच के लिए दी। निगम ने आईटीआई बुलंदशहर से मार्कशीट की जांच करवाई चार अप्रैल को नारायण सिंह की मार्कशीट फर्जी पाई गई। खान ने बताया कि आईटीआई के फर्जी दस्तावेज मिलने के बाद निगम ने नारायण सिंह को नौकरी से बर्खास्त कर दिया और निगम से साथ धोखाधड़ी करने के मामले में होडल थाना पुलिस को लिखित में शिकायत दी लेकिन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
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कार्यकारी अभियंता ने कहा इस मामले में उन्होंने 28 जून व 23 जुलाई को पुलिस प्रशासन को पत्र लिखा लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि उन्होंने 20 सितंबर व 23 सितंबर को थाना पुलिस के साथ-साथ डीएसपी को भी आरोपी के खिलाफ पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है लेकिन पुलिस इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर पाई है। वहीं, इस मामले में जिला पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है।यदि बिजली निगम के अधिकारियों ने कोई शिकायत की है तो शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया जाएगा।
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