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Faridabad News: फिर गुलाबों की खुशबू से महकेगा एनआईटी का रोज गार्डन

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कोरोना काल में देखरेख के अभाव में सूख गए थे पौधे, नगर निगम ने जारी की निविदा
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अमर उजाला संवाद
बल्लभगढ़। एनआईटी में मेट्रो चौक के पास स्थित रोज गार्डन दोबारा से गुलाबों की खुशबू से महकेगा। जिसको लेकर नगर निगम की ओर से निविदा जारी कर दी गई है। आने वाले 4 महीने में रोज गार्डन में हाइब्रिड गुलाब दिखाई देंगे।

एनआईटी स्थित रोज गार्डन में लोगों की सुविधा के लिए नगर निगम की ओर से ओपन जिम और बच्चों के खेलने के लिए काफी संख्या में झूले लगाए गए थे। जिसके चलते इस पार्क में घूमने आने वाले लोगों को काफी सुविधाएं मिल रहीं थीं। पहले इस पार्क में काफी संख्या में गुलाब के पौधों के साथ-साथ अन्य फूलों के पौधे भी लगे हुए थे, लेकिन कोरोना काल में पार्क की देखरेख नहीं होने की वजह से पेड़ पौधे सूख गए। अब इस पार्क में काफी कम संख्या में फूलों के पौधे हैं। जिसके चलते पार्क की सुंदरता काम हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए बरसात से पहले इस पार्क का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
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22 लाख रुपये की लागत से लगाए जाएंगे हाइब्रिड गुलाब
नगर निगम के प्रवक्ता जोगिंदर रावत ने बताया कि रोज गार्डन में करीब 22 लाख रुपये की लागत से हाइब्रिड गुलाब के पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि यह एक लोकप्रिय श्रेणी का गुलाब है। जो सामान्य फूलों से आकार में बड़ा होता है । इसमें विभिन्न रंग के फूल आते हैं। यह पौधे तेजी से बढ़ते हैं। इन पौधों की देखरेख अन्य पौधों के मुकाबले काफी आसान होती है। उन्होंने बताया कि यह पौधे आम फूलों के मुकाबले लंबे तने वाले होते हैं और उनकी पंखुड़ियां भी काफी रंगीन होती है। नगर निगम की ओर से रोज गार्डन में हाइब्रिड गुलाब लगाने के लिए निविदा जारी कर दी गई है। जिसके अनुसार 4 महीने के अंदर रोज गार्डन के अंदर काफी संख्या में गुलाब नजर आएंगे।
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रोज गार्डन का सौंदर्यीकरण किया जाएगा
पार्क में हर रोज घूमने वाले लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के चाणक्यपुरी के पार्क से प्रेरित होकर रोज गार्डन का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इस गार्डन में ईपीडीएम ट्रैक बनाया जाएगा। ईपीडीएम ट्रेक वाला यह पहला पार्क होगा। इससे पहले ऐसे ट्रैक खेल स्टेडियम में खिलाड़ियों के दौड़ने के लिए देखे जा सकते थे। ईपीडीएम ट्रैक की लाइफ अन्य मटेरियल से बने ट्रैकों के मुकाबले बहुत ज्यादा है। इस ट्रैक पर घूमने और दौड़ने के भी लाभ हैं। इसे एथिलीन प्रोपलीन डायन मोनोमर रबर कहा जाता है। इससे बने ट्रैक लचीले होते हैं।
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