फरीदाबाद। निकिता तोमर हत्याकांड में सोमवार को पांच लोगों की गवाही हुई। एसआईटी द्वारा दायर की गई पूरक चार्जशीट के बाद सोमवार को पहली गवाही थी। निकिता के मामा व अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एदल सिंह रावत ने बताया कि सोमवार को सात गवाहों के बयान दर्ज होने थे। हालांकि पांच लोगों के ही बयान पूरक चार्जशीट दाखिल करने के बाद पहली बार दर्ज किए गए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनीस खान ने बताया कि अपहरण मामले में तौसीफ के चाचा जावेद खान को अदालत ने रेगुलर जमानत दे दी है।
एदल सिंह रावत ने बताया कि दो गवाहों के बयान दर्ज नहीं कराए गए। वहीं, जो पांच लोग कोर्ट में गवाही देने पहुंचे इसमें निकिता और तौसीफ के दोस्त रहे मन्नी सिंह भी शामिल थे। मन्नी सिंह ने कोर्ट को बताया कि उसने दस दिसंबर 2019 को व्हाट्सएप के जरिए तौसिफ से बात की थी। उसने तौसीफ को निकिता का पीछा ना करने के लिए कहा था।
इसके अलावा पुलिस कंट्रोल रूम के उप निरीक्षक (सब इंसपेक्टर) नरेश, व्हाट्सएप चैट की फोरेंसिंक जांच कराने वाले एएसआई वीरेंद्र सिंह, मानवता अस्पताल से मेडिकल रिपोर्ट बनाने वाले डॉ गोहर व अग्रवाल कॉलेज से मोहित हुड्डा के बयान दर्ज किए गए। मामले में अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी। इस दौरान तीन अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसी दिन एसआईटी के जांच अधिकारी सबइंस्पेक्टर अनिल शर्मा की भी गवाही होगी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हरिकिशन जैन भी कोर्ट पहुंचे और निकिता मामले की अभी तक की सुनवाई के पहलुओं को जाना।