फरीदाबाद। निकिता तोमर हत्याकांड में बुधवार को अभियोजन पक्ष ने छह गवाहों को पेश किया। हालांकि कार्रवाई लंबी चलने के कारण केवल चार लोगों के ही बयान दर्ज हो पाए। बुधवार को हुई सुनवाई में सभी गवाहों को केवल कागजों को पूरा करने संबंधी बयान के लिए ही बुलाया गया था। इसमें दो कॉलेज के परीक्षा प्रभारी थे, जिन्होंने वारदात के दिन निकिता के कॉलेज में परीक्षा देने की पुष्टि की। इसके अलावा परीक्षा कर्मी थे, जिन्होंने दो साल पहले की अपहरण की वारदात की फाइल अदालत में पेश की, जिससे हत्या का कारण स्पष्ट हो सके।
सोमवार को निकिता के पिता मूलचंद तोमर, घायल अवस्था में निकिता को अस्पताल ले जाने वाले आकाश भाटिया और राजेश सैनी की गवाही पूरी होने के बाद बुधवार को कॉलेज के दो शिक्षक समेत दो पुलिसकर्मियों की भी गवाही पूरी हुई। केस की अगली सुनवाई अब 14 व 15 दिसंबर को होगी। फास्ट ट्रैक कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरताज बासवाना की कोर्ट के सामने गवाहों ने कई महत्वपूर्ण कागजात पेश किए। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता व निकिता के मामा एदल सिंह रावत ने बताया कि बुधवार को अग्रवाल कॉलेज के डॉ. अजीत सिंह और प्रोफेसर रविंद्र जैन कोर्ट में पेश हुए। इसके अलावा इस हत्याकांड की विशेष रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजने वाले पुलिसकर्मी रकमुदीन और वर्ष 2018 अपहरण कांड में जांच करने वाले पुलिसकर्मी नरेंद्र सिंह ने भी गवाही दी। रावत ने बताया कि दोनों शिक्षकों ने मृतका निकिता तोमर, उसकी सहेली और छात्र तरुण की कॉलेज की अटेंडेंस शीट, डेट शीट, सीटिंग प्लान और रोल नंबर कोर्ट को उपलब्ध कराया। केस की अगली सुनवाई अब 14 और 15 दिसंबर को होगी।