रात में साफ दिखेंगे मोड़ और लेन, डिविजन-5 में सड़क सुरक्षा परियोजना शुरू
राजीव कॉलोनी से सेक्टर-56 तक सड़कें होंगी ज्यादा सुरक्षित
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। बल्लभगढ़ में राजीव कॉलोनी से सेक्टर-56 और आसपास के इलाकों तक आने-जाने वाले वाहन चालकों के लिए रात का सफर अब सुरक्षित बनाने की तैयारी है। नगर निगम के डिविजन-5 क्षेत्र में सड़कों की पहचान और यातायात सुरक्षा बेहतर करने के लिए रोड मार्किंग, कैट आई, स्पीड ब्रेकर और साइन बोर्ड लगाने का काम कराया जाएगा। 10,300 वर्ग मीटर में थर्मोप्लास्टिक रोड मार्किंग, 2200 रिफ्लेक्टिव कैट आई, 720 मीटर स्पीड ब्रेकर और 100 चेतावनी व सूचनात्मक साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम 175 दिन में पूरा करने का लक्ष्य है।
डिविजन-5 का क्षेत्र बल्लभगढ़ के पुराने शहर से लेकर नए विकसित हो रहे रिहायशी इलाकों तक फैला है। प्रस्तावित काम राजीव कॉलोनी से सेक्टर-56 की ओर जाने वाले मार्ग और इससे जुड़े क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके दायरे में चावला कॉलोनी, आदर्श नगर, सुभाष कॉलोनी, भीकम कॉलोनी, आजाद नगर, कुंदन कॉलोनी, ऊंचा गांव, सीही गेट के आसपास के क्षेत्र, यादव कॉलोनी, राव कॉलोनी और भुदत्त कॉलोनी जैसे इलाके आते हैं।
इसके अलावा सेक्टर-55 और 56 के साथ सेक्टर-57 से सटे क्षेत्र, समयपुर तथा बल्लभगढ़ शहरी क्षेत्र से जुड़े सेक्टर-2, 3 और 4 भी डिविजन-5 के प्रमुख इलाकों में शामिल हैं। इन क्षेत्रों से रोजाना बड़ी संख्या में लोग नौकरी, कारोबार, स्कूल और अन्य कामों के लिए बल्लभगढ़ शहर और फरीदाबाद के दूसरे हिस्सों में आते-जाते हैं।
हर महीने औसतन 50 से अधिक सड़क हादसे
फरीदाबाद में सड़क हादसों का आंकड़ा भी इस काम की जरूरत को सामने रखता है। उपलब्ध एनसीआरबी आंकड़ों के अनुसार 2024 में जिले में 647 सड़क हादसे दर्ज हुए, जिनमें 287 लोगों की मौत हुई और 468 लोग घायल हुए। वर्ष 2023 में 636 हादसों में 307 लोगों की मौत और 485 लोगों के घायल होने की जानकारी दर्ज थी यानी 2024 में हादसों की संख्या मामूली बढ़ी लेकिन मौत और घायलों की संख्या में कमी आई। वर्ष 2024 के आंकड़ों के हिसाब से जिले में औसतन हर महीने करीब 54 सड़क हादसे हुए। एनसीआरबी के आंकड़ों के विश्लेषण में यह भी सामने आया कि सड़क हादसों में मरने वालों में पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन सवारों की संख्या अधिक है।
गलत दिशा, तेज रफ्तार और हेलमेट की अनदेखी भी बड़ी वजह
फरीदाबाद में सड़क हादसों के पीछे कई कारण हैं। तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना, हेलमेट का इस्तेमाल नहीं करना, शराब पीकर वाहन चलाना, सड़क पर गलत पार्किंग, खराब सड़क और रात में पर्याप्त रोशनी या संकेतों की कमी हादसों का प्रमुख कारण हैं। इसके चलते जनवरी 2025 में यातायात पुलिस ने 73,705 चालान किए थे। इनमें 18,933 चालान हेलमेट से जुड़े उल्लंघनों, 7,008 गलत दिशा में वाहन चलाने और 5,592 तेज रफ्तार के मामलों में किए गए थे। 847 मामले शराब पीकर वाहन चलाने से जुड़े थे।
10,300 वर्ग मीटर में रोड मार्किंग से रात में साफ दिखेगी सड़क की दिशा
परियोजना के तहत 10,300 वर्ग मीटर में थर्मोप्लास्टिक रोड मार्किंग की जाएगी। रात में वाहन की हेडलाइट पड़ने पर रिफ्लेक्टिव पट्टियां चमकेंगी। इससे वाहन चालकों को लेन, सड़क के किनारे और मार्ग की दिशा पहचानने में मदद मिलेगी। बल्लभगढ़ के पुराने बाजार और कॉलोनी क्षेत्रों में शाम के बाद पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। वहीं राजीव कॉलोनी, समयपुर और सेक्टर-55 व 56 की ओर जाने वाली सड़कों पर आवासीय विस्तार के साथ निजी वाहनों का दबाव बढ़ा है। ऐसे में स्पष्ट मार्किंग से सबसे ज्यादा फायदा उन वाहन चालकों को होगा जो रोजाना इन मार्गों का इस्तेमाल करते हैं।
2200 कैट आई से मोड़ और सड़क की सीमा पहचानना होगा आसान
2200 कैट आई सड़क के किनारे और जरूरी स्थानों पर लगाए जाएंगी। इन पर वाहन की रोशनी पड़ने से रात में सड़क की दिशा और सीमा पहचानने में मदद मिलेगी। 720 मीटर स्पीड ब्रेकर और 100 चेतावनी व सूचनात्मक साइन बोर्ड भी लगाए जाएंगे। इससे वाहन चालकों को मोड़ और गति नियंत्रण वाले स्थानों की पहले से जानकारी मिल सकेगी। खासकर बाइक और स्कूटी सवारों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी हो सकती है।
परियोजना में दो साल की रखरखाव अवधि रखी गई
नई व्यवस्था का फायदा लंबे समय तक तभी मिलेगा जब रोड मार्किंग, कैट आई और साइन बोर्ड का रखरखाव नियमित रूप से किया जाए। बारिश, धूल और लगातार वाहनों के दबाव से मार्किंग घिस सकती है। कैट आई टूट या उखड़ सकते हैं और साइन बोर्ड भी क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। परियोजना में दो साल की रखरखाव अवधि रखी गई है लेकिन इसके साथ निगम को नियमित निरीक्षण भी करना होगा।
175 दिन में पूरा करने का लक्ष्य
परियोजना का काम 175 दिन में पूरा करने का लक्ष्य है। काम पूरा होने के बाद निगम और यातायात पुलिस को यह देखना होगा कि सड़क सुरक्षा उपायों का वास्तविक असर क्या रहा। डिविजन-5 में सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की यह पहल ऐसे समय में हो रही है जब बल्लभगढ़ का शहरी विस्तार पुराने बाजार से आगे सेक्टरों और नई कॉलोनियों तक पहुंच चुका है।