फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के किनारे बसने जा रहा नया फरीदाबाद

विज्ञापन
विज्ञापन
कट खोलने की मांग केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया स्वीकार
विज्ञापन



अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे अब केवल एक सड़क परियोजना नहीं रह गया है, बल्कि इसे शहर के भविष्य की आर्थिक धुरी के रूप में देखा जाने लगा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाला यह कॉरिडोर फरीदाबाद के दक्षिण और पूर्वी हिस्सों की तस्वीर बदलने जा रहा है। खासतौर पर सेक्टर-65, चंदावली, मोहना और सोतई बेल्ट में जमीन, वेयरहाउस, ग्रुप हाउसिंग और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों में तेजी दिखाई देने लगी है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को डीएनडी-फरीदाबाद-केएमपी एक्सप्रेसवे (एनएच-148एन) और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना का निरीक्षण किया। वह दिल्ली के महारानी बाग से फरीदाबाद सेक्टर-65 स्थित कनेक्टिंग पॉइंट तक पहुंचे और निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर समेत कई लोग मौजूद रहे। निवासियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का कट खोलने की मांग स्वीकार किए जाने पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर का आभार जताया। लोगों का कहना था कि कट खुलने से सेक्टर-65, चंदावली, मोहना और आसपास के क्षेत्रों को सीधे एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी मिलेगी और स्थानीय ट्रैफिक दबाव कम होगा।
विज्ञापन


करीब 31.4 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे फरीदाबाद को सीधे जेवर एयरपोर्ट से जोड़ेगा। इसके पूरा होने के बाद दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम के लाखों लोगों को एयरपोर्ट पहुंचने के लिए नोएडा और दिल्ली के भीड़भाड़ वाले मार्गों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसका सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा फरीदाबाद का सेक्टर-65 माना जा रहा है। यहीं से यह कॉरिडोर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और फरीदाबाद-बल्लभगढ़-सोहना स्पर से जुड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सेक्टर-65 एनसीआर का बड़ा ट्रांजिट और लॉजिस्टिक्स हब बन सकता है। फरीदाबाद मास्टर प्लान-2031 में भी इस बेल्ट को हाई-डेंसिटी अर्बन जोन के रूप में विकसित करने की योजना है। इसी को ध्यान में रखते हुए यहां एलिवेटेड रोड और बड़े इंटरचेंज तैयार किए जा रहे हैं ताकि भविष्य के ट्रैफिक दबाव को संभाला जा सके।

चंदावली से दयानतपुर तक रहेगा छह लेन का हाईवे
यह पूरा एक्सप्रेसवे एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां सीमित एंट्री और एग्जिट पॉइंट होंगे। इससे हाई-स्पीड ट्रैफिक बिना बाधा के आगे बढ़ सकेगा। परियोजना के तहत चंदावली से दयानतपुर तक छह लेन का हाईवे तैयार किया जाएगा जबकि एयरपोर्ट के नजदीक अंतिम हिस्सा आठ लेन का बनाया जा रहा है। फरीदाबाद के शहरी हिस्से में करीब आठ किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर भी बनाया जाएगा।

यमुना पर बनेगा विशाल पुल, डीएफसी के ऊपर आधुनिक आरओबी

परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा यमुना नदी पर बनने वाला लगभग 720 मीटर लंबा पुल माना जा रहा है। यह पुल हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच तेज और निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) की रेलवे लाइन के ऊपर आधुनिक रेलवे ओवरब्रिज भी तैयार किया जाएगा। इससे मालगाड़ियों और सड़क यातायात के बीच किसी प्रकार का टकराव नहीं होगा और भारी वाहनों की आवाजाही तेज होगी।


मोहना के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी

यह एक्सप्रेसवे केवल एयरपोर्ट लिंक रोड नहीं होगा बल्कि पूरे एनसीआर के ट्रैफिक नेटवर्क का नया केंद्र बनेगा। इसके लिए चार बड़े इंटरचेंज बनाए जा रहे हैं। शुरुआती जंक्शन डीएनडी-फरीदाबाद बाईपास और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। मोहना क्षेत्र के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी मिलेगी जबकि आगे यमुना एक्सप्रेसवे के जरिये आगरा और नोएडा की दिशा में सीधा आवागमन संभव होगा।

उद्योगों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा

फरीदाबाद में करीब 25 हजार से अधिक एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं। ऑटो पार्ट्स, मशीनरी, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बनाने वाली इन इकाइयों को अब तक एयर कार्गो और तेज लॉजिस्टिक्स के लिए दिल्ली और गुरुग्राम पर निर्भर रहना पड़ता था। जेवर एयरपोर्ट और यह एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद फरीदाबाद की इंडस्ट्री को पहली बार सीधी अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी मिलेगी। उद्योगों से तैयार माल कम समय में एयर कार्गो नेटवर्क तक पहुंच सकेगा। इससे निर्यात आधारित उद्योगों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

गांवों से लेकर बाईपास तक बढ़ी जमीन की मांग

परियोजना का असर अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। मोहना, सोतई, चंदावली और सेक्टर-65 के आसपास जमीनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। रियल एस्टेट कंपनियां इस पूरे क्षेत्र को एयरपोर्ट इम्पैक्ट जोन के रूप में प्रचारित कर रही हैं। प्रॉपर्टी विशेषज्ञों का कहना है कि एक्सप्रेसवे बनने के बाद यहां वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स पार्क और नई आवासीय परियोजनाओं का तेजी से विस्तार हो सकता है।
विज्ञापन


दिल्ली के ट्रैफिक दबाव को भी मिलेगी राहत

इस परियोजना का एक बड़ा फायदा दिल्ली को भी मिलेगा। अभी उत्तर भारत का बड़ा ट्रैफिक दिल्ली होकर एयरपोर्ट की ओर जाता है जिससे एनएच-44 और धौलाकुआं जैसे क्षेत्रों में भारी दबाव रहता है। नई कनेक्टिविटी के बाद पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का काफी ट्रैफिक ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जरिये सीधे जेवर एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट हो सकेगा। इससे दिल्ली के कई मार्गों पर ट्रैफिक दबाव कम होने की संभावना है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें