सेक्टर-31 थाने में 23 जुलाई 2021 को दर्ज हुई थी एफआईआर
23 जुलाई 2021 को डॉ. नीना पराशर से हुई थी चेन झपटमारी, अदालत में इन्होंने भी युवकों को नहीं पहचाना
सोमवार को सेशन कोर्ट ने किया दोनों को बरी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। महिला से चेन झपटमारी के केस में जांच कर रही फरीदाबाद पुलिस की टीम ने न तो बाइक बरामद की और न ही सोने की चेन। वारदात के 15 महीने बाद दो युवकों को एक अन्य मामले में गिरफ्तार कर पुलिस ने दावा किया कि पूछताछ में इन्होंने ही चेन झपटमारी की वारदात कबूल की है। पुलिस ने दावा किया कि आरोपियों ने झपटी गई सोने की चेन किसी को 70 हजार रुपये में बेच दी। दोनों के हिस्से में 35-35 हजार रुपये आए और उन्हीं में से 15-15 हजार रुपये दोनों से बरामद करने का दावा भी किया।
अदालत में ट्रायल के दौरान बचाव पक्ष ने सवाल उठाए कि वारदात के 15 महीने बाद तक भी कोई 15 हजार रुपये संभालकर अपने घर पर क्यों रखेगा। इसके साथ ही शिकायतकर्ता महिला ने भी दोनों युवकों को नहीं पहचाना। पुलिस ने केस की जांच के दौरान उस व्यक्ति के नाम तक का पता नहीं लगाया, जिससे आरोपी अक्सर मिलते थे और उसे झपटी गई चेन बेची थी। वारदात में प्रयोग की गई बाइक भी बरामद नहीं हुई। युवकों को पकड़ने के बाद टीआईपी नहीं कराई गई।
सभी पक्षों को सुनकर जिला अदालत ने सोमवार को दोनों युवकों राघव और मयंक को बरी कर दिया है। इसके साथ ही दोनों युवकों ने उनसे बरामद होना दिखाए गए 15-15 हजार रुपये क्लेम नहीं किए। वहीं शिकायतकर्ता महिला ने एक अन्य अर्जी लगाकर ये 30 हजार रुपये की रकम क्लेम की। अदालत ने ये रकम महिला को जारी करने के भी आदेश दिए हैं।
सेक्टर-31 थाने में यह एफआईआर 23 जुलाई 2021 को दर्ज हुई थी। डॉ. नीना पाराशर ने पुलिस को शिकायत दी कि सेक्टर-28 इलाके में बाइक सवार दो युवक उसके गले से सोने की चेन झपट ले गए। महिला ने कहा कि बाइक पर आगे बैठे युवक को वो पहचान सकती है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की लेकिन काफी समय तक सुराग नहीं लगा। बाद में 18 अक्टूबर 2022 को सेक्टर-31 थाने के एक अन्य केस में पुलिस ने सूर्या विहार पार्ट तीन निवासी राघव और शिव दुर्गा विहार निवासी मयंक को गिरफ्तार किया। इनसे पूछताछ कर पुलिस ने दावा किया कि आरोपियों ने चेन झपटमारी की वारदात भी कबूल की है। आरोपियों के खिलाफ चालान तैयार कर अदालत में पेश किया जिसमें 10 गवाह बनाए गए। ट्रायल के दौरान सभी पक्षों को सुनकर सबूतों व गवाहों के अभाव में अदालत ने दोनों युवकों को बरी कर दिया है।