मंगलवार देर रात पुलिस को सूचना मिली थी कि पड़ोसी के कमरे में बेड में रखे एक बक्से में बच्ची बेसुध हालत में मिली है। पुलिस उसे बीके अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। बुधवार को उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए सफदरजंग अस्पताल में रखवा दिया गया है।
आवाज दबाने के लिए मासूम के हाथों की नस काटी
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि आरोपी ने बच्ची को कब अपने कमरे में ले गया, इसका किसी को पता नहीं चला। बच्ची की कोई आवाज भी नहीं सुनाई दी, क्योंकि आरोपी का कमरा अंतिम छोर पर है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने बच्ची शोर करने से मना किया। मारपीट के बाद शोर को दबाने के लिए उसके हाथों का नस काट दी, जिससे वह बेहोश हो जाए।
कमरे के बाहर खून की बूंद देखने पर आरोपी पर हुआ शक
स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्ची मंगलवार शाम पांच बजे से लापता थी। शाम को ड्यूटी से उसके पिता आए तो मां ने बताया कि वह बाहर खेल रही होगी। रात नौ बजे तक जब वह वापस नहीं आई तो माता-पिता उसे तलाशने लगे। इस दौरान आरोपी किरायेदार बिजेंद्र के कमरे के बाहर खून की बूंदें दिखाई दी। शक होने पर कमरे के दरवाजे पर लगे ताले को तोड़कर छानबीन की तो बेसुध बच्ची बेड में रखे एक लोहे की पेटी में लहूलुहान अवस्था में बंद थी।
लोगों ने बताया कि पीड़ित परिजन मूलरूप से बिहार के रहने वाले हैं। बच्ची के पिता एक निजी कंपनी में काम करते हैं। वह अनंगपुर में किराये के कमरे में रहने के लिए एक साल पहले ही आए थे। बच्ची पास स्थित एक स्कूल में तीसरी कक्षा की छात्रा थी। काफी अच्छी पेंटिंग्स बनाती थी। लोगों ने बताया कि आरोपी शराब पीने का आदी है। वह तीन साल से अनंगपुर डेयरी में किराये के मकान में रहता है। एक महीने पहले ही वह पत्नी और बच्चों को पश्चिम बंगाल स्थित अपने गांव छोड़कर आया था। तब से अकेला ही रहा था।
आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दुष्कर्म की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद की जा सकती है। शरीर से सैंपल लिए गए हैं। उसकी एफएसएल जांच कराई जा रही है। पॉक्सो एक्ट व हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी गई है। - देवेन्द्र कुमार, एसीपी सराय ख्वाजा