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Faridabad News: पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों से करीब 10 लाख वाहन मालिकों की जेब होगी ढीली

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तेल की बढ़ी हई कीमतों ने आम आदमी का बजट पूरी तरह से बिगाड़ा
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शहर में प्रतिदिन करीब पांच लाख लीटर पेट्रोल और करीब 10 लाख लीटर डीजल की होती है खपत
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ईरान और अमेरिका-इस्राइल युद्ध लोगों के लिए लगातार नई मुसीबतें खड़ी कर रहा है। पहले जहां लोग सिलिंडर के लिए लाइनों में नजर आ रहे थे, वहीं अब पेट्रोल और डीजल में हुई बढ़ोतरी ने करीब 10 लाख वाहन मालिकों की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है।
बीते दिनोंं बढ़ाए गए दामों के बाद पेट्रोल 95.95 रुपये से बढ़कर 98.94 रुपये हो गया। वहीं डीजल 88.39 रुपये से बढ़कर 91.39 रुपये हो गया। इसके अलावा सीएनजी के दाम भी दो रुपये बढ़ाए गए। तेल की बढ़ी हई कीमतों ने आम आदमी का बजट पूरी तरह से बिगाड़ दिया है। शहर में प्रतिदिन करीब पांच लाख लीटर पेट्रोल और करीब 10 लाख लीटर डीजल की खपत होती है। इससे पहले रसोई गैस, बिजली और खाद्य पदार्थों के दाम भी बढ़ाए गए थे। अब पेट्रोल-डीजल की बड़ी कीमतों ने हालात और खराब कर दिए हैं। नतीजतन ऑटो चालक, टैक्सी चालक, ई-रिक्शा संचालक, डिलीवरी बॉय, छोटे व्यापारी और नौकरीपेशा लोग अतिरिक्त बोझ उठाने को मजबूर होंगे। यानी दाम चढ़ने के साथ ही रोजाना करोड़ों रुपये का अतिरिक्त बोझ सीधे जनता की जेब से निकलेगा।
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जिले में सबसे अधिक बिक्री इंडियन ऑयल कार्पोरेशन की होती है, जहां प्रतिदिन करीब पांच से सात लाख लीटर डीजल पेट्रोल की बिक्री होती है। वहीं भारत पेट्रोलियम की तीन से चार लाख, हिंदुस्तान की दो से तीन लाख, जबकि अन्य की 50-60 हजार लीटर पेट्रोल और डीजल की बिक्री होती है। ऐसे में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर करीब 10 लाख वाहन मालिकों पर सीधे तौर पर पड़ेगा। सरकार द्वारा बृहस्पतिवार को डीजल और पेट्रोल की कीमत में तीन-तीन रुपये की वृद्धि की गई थी।

अफसर-मंत्रियों ने कम किया काफिला
पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करने के लिए जिले के अफसर और मंत्रियों ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्रियों के काफिले में वाहनों की संख्या कम नजर आ रही है। फरीदाबाद से केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, राज्य मंत्री विपुल गोयल और राजेेश नागर आते हैं। मंत्रियों के आयोजन में गाड़ियां पहले की तुलना में अब कम नजर आ रही हैं। वहीं अधिकारी भी कम वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

करीब एक लाख सीएनजी वाहन होंगे प्रभावित

पेट्रोल और डीजल के साथ-साथ अब सीएनजी की कीमतों में भी वृद्धि कर दी गई है, जिसका सीधा और व्यापक असर जिले के करीब एक लाख वाहनों पर पड़ने वाला है। शहर में सीएनजी के दाम 82 रुपये से बढ़ाकर 84 रुपये प्रति किलो कर दिए गए हैं। इस मूल्य वृद्धि की सबसे बड़ी मार ऑटो, कमर्शियल वाहनों और स्कूल बसों पर पड़ेगी, जो पूरी तरह इसी ईंधन पर निर्भर हैं। इसका सीधा नतीजा आम जनता को भुगतना होगा, क्योंकि ऑटो और टैक्सियों का किराया बढ़ना तय है। इसके अलावा, स्कूल बसों का खर्च बढ़ने से अभिभावकों पर बच्चों की फीस का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
-बातचीत
डीजल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने ट्रांसपोर्ट कारोबार की कमर तोड़ दी है। डीजल महंगा होने से माल ढुलाई की लागत सीधे बढ़ जाएगी। -अनिल राठी, सदस्य, फरीदाबाद ट्रांसपोर्ट एंड ट्रक ऑनर एसोसिएशन
अंतरराष्ट्रीय हालात का बोझ सीधे आम वाहन चालकों और ट्रांसपोर्ट व्यापारियों पर डालना सही नहीं है। सरकार को टैक्स में राहत देकर दाम नियंत्रित करने चाहिए। -राजेश कुमार, सदस्य, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक सेक्टर पर सीधा असर पड़ रहा है। डीजल महंगा होने से माल की ढुलाई लागत बढ़ेगी, जिससे बाजार में रोजमर्रा की वस्तुएं भी महंगी होंगी। -रोहताश सिंह, सदस्य, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम बढ़ने से कमर्शियल वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आमदनी पहले जैसी है लेकिन रोज का खर्च तेजी से बढ़ रहा है। -राकेश, सदस्य, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
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पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर छोटे उद्योगों और कारोबार पर पड़ रहा है। कच्चा माल मंगाने से लेकर तैयार माल बाजार तक पहुंचाने का खर्च बढ़ गया है। -राजकुमार, व्यापारी
लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने बाजार की स्थिति को और कमजोर कर दिया है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से हर वस्तु की लागत बढ़ेगी और इसका बोझ आखिरकार आम जनता पर ही आएगा। -दीपक, व्यापारी
डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ने से उद्योगों की सप्लाई चेन प्रभावित होगी। फैक्ट्रियों में माल ढुलाई, मशीन संचालन और वितरण पर अतिरिक्त खर्च आएगा। -दीपमनी, व्यापारी
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ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ ट्रांसपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डिलीवरी, ई-कॉमर्स और सेवा क्षेत्र से जुड़े कारोबार भी प्रभावित होंगे। -संजीव, व्यापारी
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पहले से ही घर का बजट संभालना मुश्किल हो रहा था, अब पेट्रोल-डीजल महंगा होने से परेशानी और बढ़ गई है। -टीएन तिवारी, स्थानीय निवासी
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से हर चीज के दाम बढ़ने का डर है। घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।- श्रवण
दिनभर मेहनत करने के बाद भी बचत नहीं हो पा रही है। सरकार को आम लोगों को राहत देनी चाहिए। -राघव
पेट्रोल महंगा होने से डिलीवरी और बाजार आने-जाने का खर्च बढ़ गया है। पहले ही कारोबार धीमा चल रहा था, अब रोजाना का खर्च और बढ़ गया है। -उमेश
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पहले ही रसोई गैस, बिजली और राशन के बढ़ते दामों से घर का बजट बिगड़ा हुआ था, अब पेट्रोल-डीजल महंगा होने से मुश्किलें और बढ़ गई हैं। -कोमल, गृहिणी
रोज ऑफिस आने-जाने में अब ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। पेट्रोल महंगा होने से मासिक बजट पूरी तरह प्रभावित हो गया है। -उमा, गृहिणी।
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