दुर्गा पूजा के लिए विभिन्न स्थानों पर पंडाल सजाने का किया जा रहा है काम, माता की चौकी और भंडारे होंगे आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। आज से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहे हैं। स्मार्ट सिटी में घरों के अलावा मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना की व्यवस्था की गई है। मंदिरों को सजाने का कार्य पूरा कर लिया गय है। वहीं दूसरी ओर रविवार को बाजारों में भी लोग पूजा-अर्चना का सामान खरीदते हुए नजर आए। मंदिरों और घरों में नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाएगी। इसके अलावा दुर्गा पूजा के लिए विभिन्न स्थानों पर पंडाल सजाने का काम किया जा रहा है। तिकोना पार्क एनआईटी-1 नंबर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर के प्रधान जगदीश भाटिया ने बताया कि नवरात्र को लेकर तैयारी पूरी हो चुकी है। दर्शन करने के दौरान भक्तजनों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो, उसके लिए सेवादारों को ड्यूटी पर लगाया गया है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश के ज्वाला मंदिर से अखंड ज्योत लाई जा रही है। नौ दिनों तक माता की चौकी और भंडारे आयोजित किए जाएंगे । व्रत वाले भक्तों का विशेष ध्यान रखते हुए व्रत वाला भंडारा भी आयोजित किया जाएगा।
24 घंटे मंदिर के कपाट खुले रहते है
वहीं बस स्टैंड स्थित सिद्धपीठ श्री काली मंदिर के पुजारी पंकज तिवारी ने बताया कि नवरात्रों के दिनों में आम दिनों के मुकाबले 10 गुना से भी अधिक भीड़ भक्तों की देखने को मिलती है। इसलिए इन दिनों 24 घंटे मंदिर के कपाट खुले रहते हैं ताकि भक्त कभी भी दर्शन करने के लिए आ सकें। वहीं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस भी मौजूद रहेगी। मंदिर के महंत पंडित पंकज त्रिपाठी ने बताया कि 30 सितंबर को माता का जागरण होगा। एक अक्तूबर को महाकाली यज्ञ और इसके बाद भंडारा आयोजित होगा। इसके अलावा एनआईटी-5 नंबर स्थित बांके बिहारी मंदिर, सेक्टर-16 स्थित कालीबाड़ी मंदिर, पल्ला, दीपावली एन्क्लेव स्थित दुर्गा मंदिर आदि में भी नवरात्र के लिए विशेष तैयारी की गई है।
पांडवों ने मांगा था विजयी होने का आशीर्वाद
कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेसवे के निकट मोहना गांव के जंगलों में बना मां कालका का मंदिर दूर-दूर तक मशहूर है। मंदिर में नवरात्र के मौके पर भक्तों का हुजूम उमड़ता है। गांव के लोग शुभ कार्य से पहले मां की पूजा जरूर करते हैं। मंदिर के संरक्षक राहुल ने बताया कि गांव में बना मां कालका का मंदिर काफी प्राचीन है। अज्ञातवास के दौरान पांडव जब इस इलाके से गुजरे तो यहां स्थित कालका मंदिर में मां की पूजा-अर्चना कर विजयी होने का आशीर्वाद मांगा था। मंदिर के प्राचीन होने का सबूत मंदिर के आसपास बने 4 विशालकाय खंभे हैं। यहां दिल्ली और उत्तरप्रदेश के भक्तजन भी माता के दर्शन के लिए आते हैं।
बाजारों में रही भीड़
नवरात्रों को लेकर बाजारों में लोगों की भीड़ देखने को मिली। कुछ पूजा अर्चना का सामान खरीदते हुए नजर आए तो कुछ मां देवी की मूर्ति खरीद रहे थे। नवरात्रों के शुभारंभ से सभी शुभ कार्य भी शुरू हो जाते हैं। दुकानदारों ने बाजारों में रौनक देखकर सामान दुकानों के बाहर तख्तों पर सजा दिया है।