गुरुग्राम। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से आयोजित एनईपी-2020 पर आधारित तीन दिवसीय राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा सुधार सम्मेलन का मंगलवार को शुभारंभ हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन एससीईआरटी के रामानुजन सभागार में आयोजित किया गया। अतिरिक्त निदेशक सुनील बजाज ने नवाचार, दक्षता आधारित शिक्षण और सतत व्यावसायिक विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।
सम्मेलन का मुख्य वक्तव्य प्रो. शरद सिन्हा द्वारा प्रस्तुत किया गया। इसमें शिक्षक शिक्षा में नीतिगत सुधार, गुणवत्ता सुनिश्चित करना और सिद्धांत एवं व्यवहार के बीच समन्वय की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद “एनईपी-2020 ने पूर्व-सेवा शिक्षक शिक्षा को कैसे पुनर्परिभाषित किया है। विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई। इसमें शिक्षाविदों ने पाठ्यक्रम संरचना, शिक्षक मानक और संस्थागत उत्तरदायित्व पर अपने विचार साझा किए।
शोध पत्र और पोस्टर प्रस्तुतियां
दोपहर में समानांतर सत्रों में शोध पत्र प्रस्तुतियां और पोस्टर प्रस्तुतियां आयोजित की गईं। इसमें शिक्षण-अधिगम, मूल्यांकन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नवाचार से जुड़े विषयों पर शोध कार्य प्रदर्शित किए गए। प्रथम दिवस का समापन लेटेक्स और जैमिनी पर आधारित कार्यशालाओं के साथ हुआ, जिनका उद्देश्य प्रतिभागियों की तकनीकी और शैक्षणिक दक्षताओं को और सुदृढ़ करना था।