भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुई मटकी फोड़ प्रतियोगिता, जन्म के बाद लोगों ने खोला व्रत
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जन्माष्टमी को लेकर शहर की सोसाइटियों में लोगों में खास उत्साह देखने को मिला। सोसाइटी परिसरों में पंडाल सजाकर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम स्थलों को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और पूल मालाओं से आकर्षक ढंग से सजाया गया। लोगों ने नए कपड़े पहनकर पूजा-अर्चना की और भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद श्रद्धालुओं ने व्रत खोला।
बीपीटीपी कॉलोनी, पुरी अमन विलास, समर पाम, पार्क फ्लोर-2, आगमन सोसाइटी, एसआरएस रेजीडेंसी, ओमेक्स, ओजोन, पुरी प्राणायाम, आरपीएस सवाना, एडल डिवाइन कोर्ट, पीयूष हाइट्स और पुरी लैवेंडर समेत कई सोसाइटियों में जन्माष्टमी के अवसर पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान सोसाइटी परिसर में श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन किए और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की।
कृष्ण-राधा की वेशभूषा में सजे नन्हे कलाकार
जन्माष्टमी को लेकर बच्चों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। कई सोसाइटियों में बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा की वेशभूषा धारण कर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। नन्हे कलाकारों ने कृष्ण जन्म, माखन चोरी और गोपियों के साथ बाल लीलाओं का मंचन कर सभी का मन मोह लिया। बाल कृष्ण के लिए आकर्षक झूले भी तैयार किए गए थे। बच्चों ने झूला झुलाने के साथ कृष्ण भक्ति के गीतों पर प्रस्तुतियां दीं।
महिलाओं ने मेहंदी और नृत्य प्रतियोगिता में लिया हिस्सा
जन्माष्टमी समारोह में महिलाओं और बच्चों की विशेष भागीदारी रही। कई सोसाइटियों में मेहंदी, नृत्य और संगीत प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। महिलाओं और युवतियों ने धार्मिक गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किए। वहीं बच्चों ने गीत, नृत्य और कृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में रंग जमा दिया। प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
मटकी फोड़ प्रतियोगिता बनी आकर्षण का केंद्र
सोसाइटियों में आयोजित मटकी फोड़ प्रतियोगिता लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। बच्चों और युवाओं ने उत्साह के साथ इसमें हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से प्रेरित होकर माखन से भरी मटकी फोड़ने का प्रयास किया। मटकी फोड़ते समय परिसर में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। कई स्थानों पर प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
सेक्टरों में भी हुए धार्मिक आयोजन
सोसाइटियों के अलावा सेक्टर-2, 3, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 15, 16, 17, 18, 19, 31 और 37 में भी जन्माष्टमी के अवसर पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। मंदिरों और आयोजन स्थलों पर विशेष सजावट की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्म के समय मंदिरों और सोसाइटियों में जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया।
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मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
फरीदाबाद। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शुक्रवार को शहर के मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। प्रमुख मंदिरों के कपाट सुबह चार बजे ही भक्तों के लिए खोल दिए गए थे। इसके बाद लड्डू गोपाल के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगनी शुरू हो गईं। दिनभर मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिरों में सजाई गई झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिरों में घंटे-घड़ियाल बज उठे। ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भगवान को महाभोग अर्पित कर महाआरती की और प्रसाद वितरित किया। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने लड्डू गोपाल को झूला झुलाकर अपना व्रत संपन्न किया।
बांके बिहारी मंदिर में मथुरा के कलाकारों ने सजाईं झांकियां
एनआईटी-5 स्थित बांके बिहारी मंदिर में भगवान कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा से आए कलाकारों ने आकर्षक झांकियां सजाईं। इन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। बारिश भी भक्तों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। श्रद्धालु बारिश में भीगते हुए मंदिरों तक पहुंचे।
सेक्टर-37 स्थित इस्कॉन मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की प्रतिमाओं का दूध, दही, घी और शहद से अभिषेक किया गया। मंदिर में पूरे दिन भजन-कीर्तन के साथ हरे कृष्णा, राधा कृष्णा का जाप चलता रहा। भगवान को झूला झुलाने के लिए भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। फरीदाबाद के अलावा विदेशी भक्त भी बाल गोपाल के दर्शन के लिए पहुंचे।
रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाए मंदिर
सुबह मंदिरों में सजी झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं, वहीं शाम होते ही मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठे। मंदिरों की सजावट देखने के लिए भी लोग पहुंचे। मंदिरों के बाहर मेले भी सजे। बांके बिहारी मंदिर, माता वैष्णो देवी मंदिर और सेक्टर-15 व 16 स्थित गीता मंदिर के बाहर खिलौने, चाट, टिक्की और गोलगप्पे समेत विभिन्न दुकानों पर लोगों की भीड़ रही। श्रद्धालु घर में विराजे लड्डू गोपाल के लिए नए वस्त्र और श्रृंगार का सामान खरीदते नजर आए।
घरों में भी सजी कृष्ण की झांकियां
मंदिरों के साथ ही लोगों ने अपने घरों में भी जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई। घर के मंदिरों को फूलों और बिजली की झालरों से सजाया गया। लड्डू गोपाल का शृंगार कर उन्हें नए वस्त्र पहनाए गए। कई परिवार ढोल-नगाड़ों के साथ लड्डू गोपाल की प्रतिमा घर लेकर आए और विधिवत पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने भगवान के भोग के लिए तरह-तरह के पकवान तैयार किए और रात में भोग लगाने के बाद प्रसाद ग्रहण किया।
मंदिरों में भीड़ होने के कारण यातायात रहा प्रभावित
जन्माष्टमी के अवसर पर शहर के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने से कई इलाकों में यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। सुबह से ही मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। शाम के समय भीड़ बढ़ने के साथ मंदिरों के आसपास की सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई।
मंदिरों के आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और वाहनों के पहुंचने से कुछ मार्गों पर जाम जैसी स्थिति बनी रही। कई जगह वाहन धीमी गति से चलते नजर आए। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक समय लगा। मंदिरों के आसपास सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी भी तैनात रहे। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए कई लोगों ने मंदिरों तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों के बजाय पैदल जाना पसंद किया। रात में जन्मोत्सव के बाद भीड़ कम होने पर यातायात व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हुई।