- क्राइम ब्रांच की पूछताछ में आरोपियों ने किए चौंकाने वाले खुलासे
कैलाश गठवाल फरीदाबाद। बाइक चुराने वाले राजस्थानी गिरोह ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह महंगे से महंगे लॉक को महज 30 सेकेंड में खोल देते हैं। दोनों आरोपियों ने बताया कि वह भरतपुर (राजस्थान) से फरीदाबाद केवल वाहन चोरी के लिए आते हैं। क्राइम ब्रांच बदरपुर बॉर्डर पुलिस ने इन्हें सोमवार को पकड़ा था। उनके गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
अभी तक आरोपी 50 से ज्यादा बाइक चोरी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं, जो बाइक आसानी से नहीं बिकती उसे साथी कबाड़ में काटकर अलग-अलग पुर्जे को बेच देते हैं। इसके लिए आरोपी अपने साथ एक मास्टर चाबी रखते हैं, जो उन्होंने खुद बनाई है। लोहे के मोटे तार को आगे से विशेष प्रकार से मोड़ा गया है। इसे आरोपी एक तकनीकी तरीके से बाइक के लॉक में डालकर घुमाते हैं। जिससे वह खुल कर फ्री हो जाता है। इसके बाद आसानी से बाइक को स्टार्ट कर राजस्थान ले जाते हैं। कुछ बाइकों को वह ग्राहक की मांग के हिसाब से भी चोरी करते हैं। इसके लिए पूरा गिरोह काम करता है, जो पलक झपकते ही बाइक चोरी कर लेता है।
चोरी की बाइक से टूटा आरोपी का पैर, उसी से हुई पहचान
क्राइम ब्रांच बदरपुर बॉर्डर प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि आरोपी कई माह से शहर में वाहन चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे थे। उनकी टीम लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। करीब एक माह पहले टीम को पता लगा राजस्थान के भरतपुर जिले के गांव सोमका, ईकनका, दांतका व आसपास के इलाके के लोग वाहन चोरी करते हैं। टीम से एएसआई सुरेश मलिक, ईएसआई सुरेश व हवलदार विकास गांव में जाकर आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाने लगे। जांच में पता लगा आरोपी फजर कुछ माह पहले फरीदाबाद से चोरी की बाइक पर आ रहा था। पलवल से पहले सड़क हादसे में उसका पैर टूट गया। वह लंगड़ाकर चलता है। आरोपियों की पहचान करने में करीब बीस दिन लग गए। पहचान के बाद पुलिसकर्मी वापस आ गए और पूरी टीम के साथ रेड की तैयारी शुरू हुई। इसी बीच मुख्य आरोपी फजर अपने साथी युसुफ के साथ फरीदाबाद में वाहन चोरी के लिए आ गया। लंगड़ाता देख टीम ने उसे पहचान लिया और सोमवार को धर दबोचा। युसुफ मामले की भनक लगते ही फरार हो गया।
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गांव में जाते ही टीम पर कर दिया था हमला
इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया फजर से पूछताछ के बाद टीम ने आरोपी के गांव में रेड की योजना बनाई। इंस्पेक्टर संदीप की अगुवाई में एएसआई सुरेश मलिक, हवलदार विकास, संदीप, कुलदीप, सिपाही विरेंद्र, सुशील व जगबीर की टीम गांव में जा पंहुची और आरोपी मुबारिक (कबाडी) को गिरफ्तार कर लिया। बाहर की पुलिस देखते ही ग्रामीणों ने टीम पर हमला कर दिया और आरोपी को छुड़ाने की कोशिश की। गांव की महिलाएं भी इस काम में पीछे नहीं हटीं। कबाड़ी को छुड़ाने के लिए महिलाओं ने पथराव कर दिया और गाड़ी के आगे खड़ी हो गई। किसी तरह टीम ने खुद का बचाव किया और कबाड़ी को साथ लेकर आए। आरोपी ने बताया कि फरीदाबाद से बाइक चोरी कर भरतपुर ले जाकर बेच देते हैं। गलियों में घूमकर वाहनों की रेकी करते हैं और मौका मिलते ही बाइक चोरी कर गायब हो जाते हैं। आरोपियों के कब्जे से 6 मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं। रिमांड खत्म होने के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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