-जिले के खिलाड़ियों ने संजोया टीम इंडिया का सपना
सूरज कुमार
फरीदाबाद। कनाडा, मेक्सिको और संयुक्त राज्य अमेरिका की संयुक्त मेजबानी में हो रहे फीफा वर्ल्डकप का जादू इस समय पूरी दुनिया के सिर चढ़कर बोल रहा है। खेल का यह रोमांच सरहदों की बंदिशों को तोड़कर खेल मैदानों तक पहुंच चुका है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे इस महाकुंभ को देखकर स्थानीय युवा फुटबॉलर में एक नया जोश भर गया है।
जिले के खेल मैदानों पर इस समय कड़कती धूप और पसीने की परवाह किए बिना, दर्जनों खिलाड़ी दिन-रात मैदान पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं। इन युवाओं का एक ही साझा सपना देश को फुटबॉल वर्ल्डकप खिलाना है। जोश से भरे कई खिलाड़ियों की नजरें तो साल 2036 के फीफा वर्ल्ड कप पर टिकी हैं, जहां वे भारतीय जर्सी पहनकर देश का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं।
मैदान पर अभ्यास कर रहे इन बच्चों और युवाओं में फुटबॉल के दिग्गजों को लेकर गजब की दीवानगी है। जिले के किसी कोने में कोई खिलाड़ी लियोनेल मेसी जैसी ड्रिबलिंग सीखने में जुटा है, तो कोई क्रिस्टियानो रोनाल्डो की तरह रफ्तार और ताकत से गोल दागने की तैयारी कर रहा है। फुटबॉल के दिग्गजों का असर ऐसा है कि स्थानीय खिलाड़ियों के बीच सात और दस नंबर की जर्सी की होड़ मच गई है। युवा खिलाड़ी अब इन नंबरों को अपना लकी नंबर मानकर मैदान पर उतर रहे हैं।
मैं पिछले तीन साल से फुटबॉल खेल रही हूं। सुनील छेत्री को अपना आदर्श मानती हूं। -शगुन शर्मा, खिलाड़ी
फुटबॉल में भारत की स्थिति बेहतर नहीं है। इसी को बदलने के लिए हम मेहनत कर रहे हैं।-जिया धनखड़
मैं रोज तीन से चार घंटे अभ्यास करता हूं। मैं भारत को विश्वकप जिताना चाहता हूं। -यथार्थ, खिलाड़ी
जब फुटबॉल का कोई बड़ा टूर्नामेंट होता है, उस समय अलग ही जुनून होता है। -धान्या सिंह, खिलाड़ी