वार्ड-16 में करीब 4.25 करोड़ के विकास कार्यों को लंबित रखने के मामले में की गई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम में विकास परियोजनाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर अब सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार ने वार्ड-16 में विकास कार्यों को लंबे समय तक लंबित रखने और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नगर निगम के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) महेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने नगर निगम आयुक्त को 15 दिन के भीतर आरोप पत्र का मसौदा तैयार कर भेजने के निर्देश भी दिए हैं। इसे निगम अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा द्वारा जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान महेंद्र सिंह पंचकूला स्थित निदेशालय से संबद्ध रहेंगे। वह बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। विभाग ने हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियमों के तहत नियमानुसार विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
वार्ड-16 के पार्षद ने कई बार की थीं शिकायतें
बता दें कि वार्ड-16 में सीवर लाइन, पेयजल आपूर्ति और सड़क-टाइल्स सहित करीब 4.25 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के लंबे समय तक अधर में लटकी हुई है। इनका उद्घाटन केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और बड़खल विधायक धनेश अदलखा ने किया था। हालांकि काम शुरू होने के कुछ समय बाद ही उसकी रफ्तार थम गई। क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से अधूरे कार्यों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। वार्ड-16 के पार्षद मनोज नासवा ने कई बार निगम अधिकारियों, मेयर प्रवीण जोशी और नगर निगम प्रशासन के समक्ष शिकायतें दर्ज कराईं। हाल ही में मेयर के समाधान शिविर में भी उन्होंने समर्थकों के साथ पहुंचकर विकास कार्यों में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। इसके बाद नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने मामले की जांच कर कार्यकारी अभियंता के विरुद्ध चार्जशीट की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट मुख्यालय भेजी थी।
समीक्षा बैठक में भी लगी थी फटकार
करीब एक सप्ताह पहले बड़खल विधायक धनेश अदलखा ने नगर निगम अधिकारियों की समीक्षा बैठक में वार्ड-16 के लंबित विकास कार्यों पर नाराजगी जताई थी। बैठक में कनिष्ठ अभियंता संदीप राणा और कार्यकारी अभियंता महेंद्र सिंह को कार्यों में देरी पर कड़ी फटकार लगाई गई थी।