फरीदाबाद। नगर निगम से विकास कार्यों की कई फाइलें गायब हैं, जिस पर निगमायुक्त ने ऑफिस स्टॉफ को फाइलें ढूंढने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निगमायुक्त को पुरानी तारीखों (बैक डेट) में बिल मंजूर करवाने और उनके भुगतान की शिकायत भी मिली है, जिसके उन्होंने निगम सचिव को जांच के आदेश दिए हैं। निगमायुक्त ने उनसे तीन दिन में इसकी रिपोर्ट मांगी है।
कैंप ऑफिस में तैनात पीए अशोक कुमार और कनिष्ठ स्टेनोग्राफर सुरेंद्र कुमार को निगमायुक्त कार्यालय ने पत्र लिखकर कहा कि अक्सर निगमायुक्त काम के लिए फाइलों को ऑफिस से कैंप कार्यालय में मंगवा लेते हैं। ऐसे में यहां से कई फाइलें कैंप ऑफिस गई हुई हैं। पूर्व निगमायुक्त के स्थानांतरण के बाद रिकॉर्ड चेक करने पर पता चला है कि कई फाइलें अभी भी कैंप ऑफिस से वापस नहीं आई हैं। ऐसे में वे उन्हें ढूंढकर जल्द से जल्द कार्यालय में भिजवाएं।
साथ ही निगमायुक्त को यह शिकायत मिली कि ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत से बैक डेट में कई बिल पास किए गए हैं, जो कि करीब 60-70 करोड़ रुपये के हैं। शिकायतों के आधार पर निगमायुक्त सोनल गोयल ने निगम सचिव जितेंद्र दहिया को इसकी जांच सौंप दी है और तीन दिन में इसकी रिपोर्ट देने को कहा है। साथ ही इस तरह के बिलों के भुगतान पर रोक लगा दी है, जिन पर संदेह है कि वे पुरानी तारीखों में मंजूर किए गए हैं।