संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ग्राम पंचायत मुजेरी के कथित 22 करोड़ रुपये के विकास घोटाले में 2.07 करोड़ रुपये अपनी फर्मों के खाते में ट्रांसफर कराने के आरोपी नंद किशोर की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से पेश किए गए बिलों को अदालत ने प्रथम दृष्टया फर्जी माना, क्योंकि उनमें वाहन नंबर, कार्बन कॉपी और अनिवार्य ई-वे बिल का विवरण नहीं था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने इस आधार पर आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
अदालत के आदेश के अनुसार, शिकायतकर्ता सतबीर कपासिया ने आरोप लगाया कि नौ अक्तूबर 2020 को तत्कालीन सरपंच ब्रह्मपाल, ग्राम सचिव जोगिंदर और बीडीपीओ पूजा शर्मा ने आपसी साजिश के तहत बिना प्रशासनिक स्वीकृति के विकास कार्यों के नाम पर लगभग 22 करोड़ रुपये जारी कर दिए, जबकि गांव में कोई कार्य नहीं कराया गया।