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बॉर्डर पर आवाजाही बिना रोक-टोक रही

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फरीदाबाद में बदरपुर बॉर्डर पर खाली पड़ा दिल्ली पुलिस द्वारा लगाया लगाया गया नाका एक तरफ कुर्सिय? - फोटो : Faridabad
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फरीदाबाद। कृषि कानून के विरोध में दिल्ली में चल रहे धरने प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पिछले चार दिनों से जिले का कोई बड़ा किसान संगठन दिल्ली नहीं पहुंचा है। 26 नवंबर को सेक्टर दो हुडा मैदान से जाट एकता मंच के बैनर तले कुछ किसान दिल्ली कूच के लिए निकले तो जरूर लेकिन बल्लभगढ़ की पुलिस ने उन्हें वहीं से गिरफ्तार कर लिया और चेतावनी के बाद वापस लौटा दिया। इसके बाद से दिल्ली कूच पर जिले में विराम लग चुका है। इसी को देखते हुए रविवार को बॉर्डर पर आवाजाही बिना रोक-टोक नजर आई। हालांकि, शनिवार को पुलिस मुस्तैदी के साथ जांच में जुटी रही।
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व्यक्तिगत रूप से दिल्ली का रुख करने वाले किसानों व लोगों पर पुलिस का डंडा हावी नहीं है लेकिन संगठन व एकजुट होकर दिल्ली जाने वालों पर नजर अब भी बरकरार है। हालांकि, कई नाकों पर पुलिस गैरहाजिर ही रही। केवल एहतियात के तौर पर कुछ पुलिसकर्मी तैनात नजर आ रहे हैं। शहर से दिल्ली की तरफ जा रहे वाहनों पर भी पुलिस की जांच नजर नहीं आ रही। केवल मास्क के लिए कुछ वाहन चालकों को रोका जा रहा है। इससे परे सुरक्षा के लिहाज से बॉर्डर पर ढील दे दी गई है।
बॉर्डर पर हैं सिर्फ बैरिकेड लगा
रविवार को बॉर्डर एरिया की पड़ताल पर पाया गया कि किसानों के आंदोलन को लेकर बॉर्डर पर अब सख्ती काफी कम कर दी गई है। सराय थाना पुलिस से केवल दो पुलिस कर्मी बैरिकेड लगाकर सराय मुख्य बाजार के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े थे। यहां केवल उन्हीं वाहनों को रोका जा रहा था जिनके चालकों ने मास्क नहीं लगाए थे। इससे थोड़ा आगे चलने के बाद बॉर्डर से कुछ पहले बने यूटर्न पर आमतौर पर हरियाणा पुलिस के नाके लगे रहते थे जो दिल्ली जाने वाले संदिग्ध वाहनों की तलाशी लेते थे और शक होने पर उन्हें वापस भेज देते थे, लेकिन रविवार को यहां से बैरिकेड हटा लिए गए। सामान्य तौर पर जाम रहने वाला यह इलाका रविवार होने के कारण खाली रहा। दिल्ली बॉर्डर से पहले दिल्ली पुलिस के कर्मचारी बसों में बैठे हुए थे। तीन स्तरीय नाके पर केवल दो या तीन पुलिसकर्मी ही नजर आए। ज्यादातर पुलिसकर्मी या तो बॉर्डर पर बनाए गए अस्थाई तंबू में बैठे थे या फिर पुलिस की बस में। पिछले तीन दिन से बॉर्डर पर खड़ा दंगा निरोधी वाहन भी रविवार को नजर नहीं आया।
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