-म्यांमार की त्रासदी के दौरान बिछाड़ गए थे, अब पूरी हुई परिवार की आससंवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। म्यांमार (बर्मा) में हुई त्रासदी के चलते 11 साल पहले अपने परिवार से बिछड़ी फातिमा बेगम आखिरकार नूंह में अपने पति और बच्चों से मिलने पहुंच गईं। इस भावुक मिलन ने लंबे समय से बिछड़े परिवार की उम्मीदों को नया जीवन दिया है।
फातिमा बेगम के पति बीनी यामीन करीब 11 साल पहले अपनी दो बेटियों के साथ भारत आकर हरियाणा के नूंह जिले में रहने लगे थे। वहीं फातिमा बेगम छह महीने बाद अपने तीन बच्चों के साथ भारत के लिए निकली, लेकिन कोलकाता सीमा पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। बाद में उन्हें ऑल बंगाल यूनियन के हवाले कर दिया गया, जिससे वह अपने परिवार से दूर हो गईं। करीब दो साल पहले चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के प्रयासों से उनकी दो बेटियां नूंह में अपने पिता के पास पहुंच गईं। मंगलवार को फातिमा बेगम कोलकाता पुलिस व ऑल बंगाल यूनियन के साथ नूंह पहुंची, जहां उन्हें वन स्टॉप सेंटर को सौंपा गया। अब सीजेएम नेहा गुप्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला कार्यक्रम अधिकारी की मौजूदगी में कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें परिवार को सौंप दिया गया ।