फरीदाबाद। कॉलेज में दाखिले के वक्त कुछ दस्तावेज की कमी दिखाकर महर्षि दयानंद विवि इन दिनों एक वर्ष के शैक्षणिक सत्र की फीस से अधिक का जुर्माना लगा रहा है। इससे परेशान छात्र लामबंद होकर शुक्रवार को जिला उच्च शिक्षा अधिकारी से मिले। इस दौरान एनएसयूआई ने छात्रों को समर्थन करते हुए सीएम, विवि एग्जाम कंट्रोलर सहित शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव कृष्ण अत्री के नेतृत्व में छात्रों ने अपने रुके हुए परीक्षा परिणाम और इसकी एवज में जुर्माना माफ करवाने की अपील की। राजकीय नेहरू कॉलेज के प्राचार्य एमके गुप्ता को हरियाणा के मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, एमडीयू के वाइस चांसलर और एग्जाम कंट्रोलर के नाम ज्ञापन सौंपा। कृष्ण अत्री ने बताया कि हाल ही में प्रथम सेमेस्टर के छात्रों का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ है। इसमें अकेले पंडित जवाहरलाल नेहरू कॉलेज के 206 छात्रों के परीक्षा परिणाम में नॉट एलिजिबल कहा गया है। इसको हटवाने के लिए छात्रों को 3000 रुपये जुर्माना देना है। इस जुर्माने को लगभग सभी छात्र दे भी चुके हैं। इसके बावजूद छात्रों का परीक्षा परिणाम नहीं आया है। इस जुर्माने से अलग कंटिन्यू रजिस्ट्रेशन के नाम पर पांच हजार रुपये का जुर्माना और मांगा जा रहा है। इसके बाद छात्रों का रुका हुआ परीक्षा परिणाम घोषित होगा। इस तरह से एक छात्र को अपना परीक्षा परिणाम घोषित करवाने के लिए 8400 रुपये का जुर्माना देना होगा। इसमें से 400 कॉलेज की तरफ से दिए जाएंगे।
वर्जन-
लेट फीस व दस्तावेज के नाम पर 8000 से अधिक रुपये वसूले जा रहे हैं, जबकि दाखिले के समय दो बार दस्तावेज जमा किए। कॉलेजों में जाकर दस्तावेज सत्यापन कराया। फिर भी दस्तावेज की कमी दिखाकर परीक्षा परिणाम रोक दिया गया। कोविड काल में छात्र पहले ही परेशान हैं, सरकार व विवि प्रबंधन को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। - प्रशांत, छात्र बीएससी
दाखिला हुआ, कॉलेज परीक्षा हुई अब एक साल बाद दस्तावेज की कमी की एवज में परीक्षा परिणाम रोक लिया। परीक्षा परिणाम व आगे की पढ़ाई की एवज में एक साल की फीस से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। यह छात्रों का मानसिक और आर्थिक शोषण है। - अविनाश, छात्र बीएससी