फरीदाबाद स्थित अमृता अस्पताल में अब तक 30 से अधिक मरीजों की डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (डीबीएस) सर्जरी की जा चुकी है। चिकित्सकों के अनुसार, यह तकनीक पार्किंसंस, डिस्टोनिया और एसेन्शियल ट्रेमर जैसे रोगों में तब उपयोगी होती है, जब दवाइयों से पर्याप्त राहत नहीं मिलती।
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डीबीएस प्रक्रिया में मस्तिष्क के विशेष हिस्सों में इलेक्ट्रोड लगाए जाते हैं, जिन्हें त्वचा के नीचे प्रत्यारोपित एक उपकरण से जोड़ा जाता है। इससे हाथ-पैरों के कंपन, अकड़न, मांसपेशियों के संकुचन और शरीर के अनियंत्रित मुड़ने जैसे लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
अस्पताल के अनुसार, कई मरीजों को इस सर्जरी से लाभ हुआ है। 58 वर्षीय सरोज देवी ने बताया कि ऑपरेशन से पहले उन्हें रोजमर्रा के काम करने में कठिनाई होती थी, लेकिन अब स्थिति में सुधार है।