लगातार मिल रही शिकायतों के बाद निगम अब एजेंसी की मदद से बंदरों को पकड़ेगी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में बंदरों के आतंक से परेशान लोगों को राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने विशेष अभियान चलाने की तैयारी कर ली है। शहर के अलग-अलग सेक्टरों, कॉलोनियों और बाजारों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद निगम अब एजेंसी की मदद से बंदरों को पकड़कर अरावली क्षेत्र में छोड़ने की योजना पर काम कर रहा है।
लोगों का कहना है कि हालात ऐसे हो गए हैं कि सुबह-शाम घर से बाहर निकलते समय भी डर लगा रहता है। कई जगहों पर बंदर घरों के अंदर तक घुस रहे हैं और बच्चों व बुजुर्गों को निशाना बना रहे हैं।
शहर के सेक्टर-7, 8, 9, 15, 16, एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद, बड़खल और आसपास की कॉलोनियों में बंदरों की समस्या सबसे ज्यादा बताई जा रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार बंदर सुबह और शाम के समय झुंड में आ जाते हैं, छतों पर रखे कपड़े फाड़ देते हैं, पानी की टंकियों के ढक्कन खोल देते हैं और रसोई में रखा खाना उठा ले जाते हैं।
निगम लेगा एजेंसी की मदद
नगर निगम के पास फिलहाल सीमित स्टाफ है और शहर का दायरा बड़ा होने के कारण हर जगह तुरंत कार्रवाई करना संभव नहीं हो पा रहा था।अधिकारियों के अनुसार रोज मिल रही शिकायतों और बढ़ते दबाव को देखते हुए अब एजेंसी की मदद से बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा ताकि कम समय में ज्यादा इलाकों में कार्रवाई हो सके। निगम का लक्ष्य है कि जिन क्षेत्रों से सबसे ज्यादा शिकायतें मिल रही हैं वहां पहले अभियान चलाया जाए।
अरावली में छोड़े जाएंगे बंदर
अभियान के तहत बंदरों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर अरावली क्षेत्र में उनके प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा जाएगा। निगम का कहना है कि इस दौरान पशुओं के साथ किसी प्रकार की क्रूरता नहीं होगी और पूरी प्रक्रिया निगरानी में की जाएगी। बंदरों को छोड़ने से पहले उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाएगा ताकि किसी बीमार पशु को जंगल में न छोड़ा जाए।
आगे नसबंदी योजना से स्थायी समाधान की तैयारी
अधिकारियों के अनुसार केवल बंदरों को पकड़कर दूसरी जगह छोड़ने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती इसलिए आगे नसबंदी योजना लागू करने की भी तैयारी की जा रही है। इस योजना के तहत बंदरों की संख्या नियंत्रित करने के लिए उन्हें पकड़कर उनकी नसबंदी की जाएगी और बाद में सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यदि यह योजना लागू होती है तो आने वाले वर्षों में बंदरों की संख्या पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।
लोगों को उम्मीद अब मिलेगी राहत
शहर के लोगों का कहना है कि बंदरों की समस्या कई सालों से बनी हुई है लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया। अब निगम द्वारा बड़े स्तर पर अभियान शुरू करने की तैयारी से लोगों को उम्मीद जगी है कि जल्द ही उन्हें इस परेशानी से राहत मिलेगी और वे बिना डर के अपने घरों की छतों, पार्कों और गलियों में सामान्य जीवन जी सकेंगे।
लोगों के स्वास्थ्य को लेकर निगम पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। बंदरों को पकड़कर अरावली में छोड़ा जाएगा।-नीतीश परवाल, एमओएच नगर निगम