- एनडीआरएफ और सीआरडीएफ ने निभाई ''''संकट मोचन'' की भूमिका, उपायुक्त ने स्वयं की निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिला प्रशासन की ओर से शुक्रवार को सुरक्षा चक्र नामक मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान आपात स्थिति में त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया क्षमता का गहन परीक्षण किया गया। इस ड्रिल का आयोजन हरियाणा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार नागरिक अस्पताल पलवल में किया गया। इसमें भूकंप और रासायनिक रिसाव की काल्पनिक स्थिति उत्पन्न कर रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास किया गया।
ड्रिल सुबह ठीक 9:03 बजे रिक्टर पैमाने पर 6.5 तीव्रता के काल्पनिक भूकंप के साथ शुरू हुई। सायरन बजते ही एनडीआरएफ, सीआरपीएफ, जिला पुलिस, रेडक्रॉस, स्वास्थ्य विभाग, दमकल व एंबुलेंस सेवाओं की टीम हरकत में आ गईं। एनडीआरएफ की 7वीं बटालियन, भटिंडा से आई टीम की कमान असिस्टेंट कमांडेंट सरोज रानी ने संभाली। टीम ने स्टोर, कमांड पोस्ट, मेडिकल यूनिट स्थापित कर ‘गोल्डन ऑवर’ को ध्यान में रखते हुए घायलों को तत्काल उपचार दिलवाया।
सरोज रानी ने कहा कि एनडीआरएफ आपात स्थिति के लिए हर समय तैयार रहती है। टीम के पास रेस्क्यू व फायर सेफ्टी से जुड़े अत्याधुनिक उपकरण हैं, जिससे समय रहते लोगों की जान बचाई जा सके। इस ड्रिल का उद्देश्य सिर्फ अभ्यास नहीं, बल्कि आपदा से निपटने की मानसिक और व्यवस्थागत तैयारी को सुनिश्चित करना है। इस दौरान सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स, एनसीसी कैडेट्स, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, स्वास्थ्य कर्मी, रेडक्रॉस, दमकल और पुलिस विभागों की सक्रिय भागीदारी रही।