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Faridabad News: दो सरकारी अस्पतालों में नहीं हो रहे एक्सरे

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- मरीजों को हो रही है परेशानी, एम्स शाखा में एक साल से नहीं हो रहे एक्सरे
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी के दो बड़े सरकारी अस्पताल में एक्स-रे की सुविधा नहीं होने की वजह से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन उसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसी वजह से मरीजों को डॉक्टर से उपचार लेने के बाद एक्सरे करवाने के लिए निजी सेंटरों पर जाना पड़ता है। जिससे उनकी जेब पर काफी असर पड़ता है।
बीके अस्पताल में हर रोज करीब 1500 से अधिक मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। इनमें से 200 मरीजों को डॉक्टर एक्सरे करवाने की सलाह देता है। पिछले दो महीने से एक्सरे मशीन खराब होने की वजह से मरीजों के एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं। वहीं इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के एक्सरे पोर्टेबल मशीन से किए जाते हैं, ताकि उनको उपचार समय पर मिल सकें। वहीं सामान्य मरीज को एक्सरे करवाने के लिए निजी सेंटरों पर जाना पड़ता है। प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सतिंदर वशिष्ठ का कहना है कि उनकी ओर से उच्च अधिकारियों को कई बार एक्सरे मशीन के लिए अवगत कराया जा चुका है।
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एक साल से एम्स शाखा में नहीं हो रहे हैं एक्सरे


बल्लभगढ़ स्थित एम्स शाखा में हर रोज करीब 3000 से अधिक मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। इसमें से 300 से अधिक मरीजों को डॉक्टर से परामर्श के बाद एक्सरे करवाने की सलाह दी जाती है। एक साल से एक्सरे मशीन खराब होने की वजह से इस अस्पताल में एक्सरे नहीं हो रहे है। इस समस्या को लेकर एम्स शाखा की और से कई बार उच्च अधिकारियों का अवगत कराया जा चुका है, लेकिन उसके बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है।
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इन स्वास्थ्य केंद्र पर मशीन होने के बावजूद भी नहीं आते हैं मरीज
सेक्टर 3 स्थित प्रथम रेफरल यूनिट और गांव तिगांव स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर एक्सरे मशीन लगी हुई है। इन दोनों स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों की संख्या ना के बराबर है। सेक्टर 3 में 1 से 2 मरीज ही एक्सरे करवाने के लिए आते हैं। गांव तिगांव के स्वास्थ्य केंद्र पर मात्र 10 मरीज के एक्सरे होते हैं। इन दोनों स्वास्थ्य केंद्र पर मशीन होने के बावजूद भी ज्यादा संख्या में मरीज उसका फायदा नहीं उठा पा रहे हैं।
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