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दुष्कर्म पीड़िता ने कहा: 'आरोपी को जमानत से मुझे कोई आपत्ति नहीं', अदालत ने किया इनकार; 7 साल से पति से है अलग

Thu, 05 Feb 2026 05:53 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, फरीदाबाद

सार

महिला ने युवक पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। आरोपी फरमान की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि आपराधिक न्यायशास्त्र में शिकायतकर्ता की भूमिका केवल सूचना देने वाले की होती है।
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कोर्ट में दुष्कर्म पीड़िता ने आरोपी की जमानत पर आपत्ति से किया इनकार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दुष्कर्म पीड़िता ने अदालत में कहा कि आरोपी को जमानत दिए जाने से मुझे कोई आपत्ति नहीं है लेकिन अदालत ने आरोपी फरमान को जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि आपराधिक न्यायशास्त्र में शिकायतकर्ता की भूमिका सिर्फ सूचना देने वाले की है। एफआईआर या आपराधिक केस शुरू होने पर ये मामला राज्य बनाम आरोपी बन जाता है। ये कहते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति लांबा की अदालत ने आरोपी फरमान की जमानत याचिका खारिज कर दी।

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ओल्ड थाना में ये एफआईआर 7 नवंबर 2025 को दर्ज हुई थी। महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वो लगभग 7 साल से अपने पति से अलग रह रही है। इसी दौरान साल 2022 में उनकी दोस्ती फरमान नामक युवक से हुई। शादी का झांसा देकर युवक ने शारीरिक संबंध बनाए और धर्म परिवर्तन कर हिंदू बनने की बात कही। बाद में आरोपी ने बात करना बंद कर दी और उसके दो साथियों ने कोरे कागज पर महिला से साइन कराकर मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करते हुए आरोपी फरमान को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
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आरोपी के अधिवक्ता की ओर से जमानत याचिका दायर कर दलील दी गई कि गलत सलाह व गलतफहमी में महिला ने ये एफआईआर दर्ज करा दी। अब महिला को गलती का अहसास है और उसे जमानत से कोई आपत्ति नहीं है। महिला ने भी याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि जमानत दिए जाने से मुझे कोई आपत्ति नहीं है। सभी पक्षों को सुनकर अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी।

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