ओल्ड फरीदाबाद थाने में 18 जनवरी 2024 को दर्ज हुई थी एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी खुशदिल को जिला अदालत से जमानत नहीं मिली। आरोपी के वकील की ओर से दायर याचिका पर सभी पक्षों को सुनने के बाद जिला अदालत ने कहा कि नाबालिग की सहमति वैध नहीं है। कानून के अनुसार नाबालिग की सहमति से बनाया गया यौन संबंध भी दुष्कर्म माना जाएगा और केस चलेगा। ये कहते हुए अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
मामले में ओल्ड फरीदाबाद थाने में 18 जनवरी 2024 को अपहरण की धारा में एफआईआर दर्ज हुई थी। महिला ने पुलिस को शिकायत दी कि उनकी नाबालिग बेटी को दिलखुश नामक युवक शादी का झांसा देकर भगा ले गया है। आरोपी ने पहले भी ऐसा करने का प्रयास किया था। इसके चलते महिला जब आरोपी के घर गई और बेटी को वापस उन्हें सौंपने को कहा तो आरोपियों ने कोई मदद नहीं की। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की और 17 फरवरी 2024 को किशोरी को झिलमिल मेट्रो स्टेशन के पास से ढूंढ लिया। किशोरी का मेडिकल कराकर काउंसलिंग की गई तो उसने अपने साथ हुए दुष्कर्म के बारे में बताया। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की धारा केस में जोड़कर 18 फरवरी 2024 को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। किशोरी की उम्र के लिए दस्तावेज चेक किए तो उसकी उम्र 16 साल निकली।
अब आरोपी के वकील की ओर से याचिका दायर कर दलील दी गई कि उसे केस में गलत फंसाया गया है। किशोरी के बयान अदालत में हो चुके हैं और उसने कहीं भी ये नहीं कहा कि उसकी मर्जी के बगैर शारीरिक संबंध बनाए गए हों। लेकिन अभियोजन पक्ष ने याचिका का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी है।