कैब चालक से लूट मामले में आरोपी नाबालिग करार, जेल से बाल सुधार गृह किया शिफ्ट
- पुलिस को भी सप्लिमेंट्री चालान पेश करने के निर्देश
- सेक्टर-17 थाना में 13 नवंबर 2024 को दर्ज हुई थी एफआईआर
- ओसिफिकेशन टेस्ट में किशोर की उम्र 15 से 17 साल के बीच बताई, अदालत ने 16 साल माना
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-17 थाना इलाके में हुई कैब चालक से लूट के मामले में पकड़कर जेल भेजे गए आरोपी को अदालत ने नाबालिग करार दिया है। परिवार की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सभी पक्षों को सुना। बीके अस्पताल की टीम ने ओसिफिकेशन टेस्ट के बाद किशोर की उम्र 15 से 17 साल बताई। इसके आधार पर कोर्ट ने किशोर को जेल से बाल सुधार गृह शिफ्ट कराया है। साथ ही पुलिस को भी निर्देश दिए हैं कि उसके खिलाफ सप्लिमेंट्री चालान जेजेबी के समक्ष पेश करें।
सेक्टर-17 थाना में ये एफआईआर 13 नवंबर 2024 को दर्ज हुई थी। दिल्ली रेलवे स्टेशन से ओला कैब बुक कर फरीदाबाद के सेक्टर-16 आए 5 युवकों ने कैब ड्राइवर से गन प्वाइंट पर 15 हजार रुपये व मोबाइल लूट लिया। आरोपियों की तय लोकेशन पर पुलिस की राइडर खड़ी देख उन्होंने थोड़ा आगे छोड़ने को कहा और फिर लूटपाट की। मामले में पुलिस को ये शिकायत सेक्टर-91 एरिया के रहने वाले सोनू ने दी।
मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी 27 दिसंबर 2024 को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद जेल भेजा। बाद में आरोपी के परिवार की ओर से अदालत में याचिका दायर कर दावा किया कि उसकी उम्र 18 साल से कम है। परिवार ने कहा कि वो 2010 में पैदा हुआ। वहीं पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान मिला आधार कार्ड दिखाया, जिसमें उसका जन्म साल 2005 का था। आरोपी का कोई जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल का सर्टिफिकेट नहीं था। अदालत ने ओसिफिकेशन टेस्ट कराया और रिपोर्ट के आधार पर अब आरोपी को नाबालिग करार दिया गया है।