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Faridabad News: 69 बूस्टर पर निर्भर हैं लाखों लोग, लेकिन निगरानी शून्य

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कई स्थानों पर सीवर लाइन के काफी नजदीक हैं पेयजल की सप्लाई लाइन
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था के सिस्टम की जांच के लिए प्रशासन की तरफ से समय को लेकर कोई नियम नहीं बनाए गए हैं। जब कोई शिकायत मिलती है तो पानी कीं जांच की जाती है लेकिन जिम्मेदार खुद से किसी भी बूस्टर की जांच नहीं करवाते न ही कोई ऐसा नियम व प्रावधान बनाया गया है जिसके तहत समय समय पर पानी की गुणवत्ता की जांच की जाए।

नगर निगम के अंतर्गत संचालित 69 बूस्टर शहर की लाखों आबादी तक पानी पहुंचाने का काम करते हैं लेकिन इन बूस्टरों की स्थिति यह है कि न तो इनकी नियमित सफाई होती है, न पानी की गुणवत्ता की स्थायी जांच और न ही कोई पारदर्शी निगरानी तंत्र है।
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बूस्टरों को पेयजल आपूर्ति की रीढ़ माना जाता है क्योंकि रेनीवेल और ट्यूबवेल से निकलने वाला पानी इन्हीं बूस्टरों में संग्रहित होकर विभिन्न कॉलोनियों में सप्लाई किया जाता है। यदि इस स्तर पर पानी दूषित हो जाए या निगरानी में चूक हो तो उसका सीधा असर हजारों घरों तक पहुंचता है। फरीदाबाद में यही स्थिति सामने आ रही है।

मछली मार्केट, पंचायत भवन, एनआईटी और बल्लभगढ़ क्षेत्र के बूस्टरों की जांच की गई तो पता चला कि वहां टीडीएस जांचने की मशीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पूरा सिस्टम केवल अनुमान और शिकायतों के भरोसे चल रहा है।
बूस्टरों से जुड़ी पाइपलाइन व्यवस्था भी गंभीर सवालों के घेरे में है। कई इलाकों में पेयजल पाइपलाइनें सीवर लाइनों के बेहद नजदीक से गुजरती हैं। बारिश या लीकेज की स्थिति में सीवर का पानी पेयजल लाइन में मिल जाने का खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार पानी में बदबू आती है और रंग भी बदल जाता है, जिससे यह आशंका और गहरी हो जाती है।

जवाहर कॉलोनी और संजय कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि बूस्टर से सप्लाई होने वाला पानी पहले कुछ समय तक ठीक लगता है लेकिन बाद में उसकी गुणवत्ता अचानक बिगड़ जाती है। कई घरों में टंकियों को बार-बार साफ करना पड़ता है। कुछ इलाकों में तो हालात ऐसे हैं कि लोग बूस्टर का पानी केवल नहाने और कपड़े धोने के लिए ही इस्तेमाल करते हैं।

नगर निगम का कहना है कि समय-समय पर पानी की जांच होती है। लेकिन इसका कोई सार्वजनिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया जाता। न तो यह बताया जाता है कि किस बूस्टर से कब सैंपल लिया गया और न ही यह कि रिपोर्ट में क्या सामने आया।
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इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों की घटना के बाद नगर निगम फरीदाबाद ने बूस्टरों पर पानी जांच बढ़ाने के आदेश जारी किए गए हैं। निगम आयुक्त का कहना है कि अब पानी के नमूने लैब में भेजे जा रहे हैं।
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