संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में इस बार मेघालय की पारंपरिक और शुद्ध खाद्य सामग्री लोगों को खासा आकर्षित कर रही है। मेघालय से आईं एमबियस उमसोंग पहली बार सूरजकुंड मेले में हिस्सा ले रही हैं और यहां आकर उन्हें बेहद अच्छा अनुभव हो रहा है। एमबियस उमसोंग अपने साथ मेघालय में पारंपरिक तरीके से तैयार किए गए बाजरे के शुद्ध उत्पाद लेकर आई हैं।
उन्होंने बताया कि उनके द्वारा लाए गए सभी खाद्य पदार्थ पूरी तरह प्राकृतिक हैं और इनमें किसी भी तरह की हानिकारक सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया गया है। ये उत्पाद सेहत के लिए भी काफी लाभकारी हैं। उनके स्टॉल पर बाजरे से बने बिस्किट, कोकोनट बिस्किट, बाजरे का शुद्ध आटा, पोपकॉर्न, दालचीनी की छड़ें और विभिन्न प्रकार के आचार उपलब्ध हैं, जिन्हें मेले में आने वाले लोग खूब पसंद कर रहे हैं। खासकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग इन उत्पादों में काफी रुचि दिखा रहे हैं।
एमबियस उमसोंग ने बताया कि सूरजकुंड मेले में लोगों की प्रतिक्रिया बहुत सकारात्मक मिल रही है, जिससे वे काफी उत्साहित हैं। पहली बार मेले में आकर उन्हें यहां की संस्कृति, लोगों का अपनापन और पारंपरिक उत्पादों के प्रति रुचि देखकर खुशी हो रही है। लोग पारंपरिक चीजों को खरीद रहे हैं।