अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। किसान संघर्ष समिति नहरपार की ओर से आंदोलन की चेतावनी देने के बाद हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक ने समिति के प्रतिनिधि मंडल को बैठक के लिए आमंत्रित किया है। मंगलवार को होने वाली बैठक को लेकर किसानों ने रणनीति तैयार कर ली है।
किसान संघर्ष समिति के प्रधान जगवीर सिंह व महासचिव सत्यपाल नरवत ने बताया कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ग्रेटर फरीदाबाद में अधिग्रहण की गई जमीन के बकाया ब्याज का किसानों को भुगतान करना है। इसपर उनका कहना है कि बकाया भुगतान व रॉयल्टी के लिए उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद भुगतान नहीं किया जा रहा है। एचएसवीपी प्रशासक से कई बार बैठक की मांग की गई लेकिन अब ढ़ाई महीने बाद इस मांग को स्वीकारा गया है। आरोप है कि अधिकारियों ने जानबूझकर बैठक का समय देने में देर लगाई है ताकि अब चुनाव आचार संहिता का बहाना लेकर किसानों की मांगों को लटकाया जा सके। 16 अप्रैल को होने वाली बैठक में कुछ किसानों का जिला अदालत पर बकाया रह गया मुआवजा व ब्याज का भुगतान करना, प्रतिवर्ष मिलने वाली रॉयल्टी जो तीन-चार साल की बकाया है, जिन किसानों को पॉलिसी के तहत प्लाट दिए गए थे, उनमें कई प्रकार की अनियमितताएं हैं वह दूर करने आदि के संबंध में चर्चा की जाएगी। हालांकि किसानों की तरफ से मांगों का एजेंडा देने के ढ़ाई महीने बाद यह बैठक बुलाई गई है, जिससे उनमें रोष है।