फरीदाबाद। गांव खोरी में नगर निगम की तोड़फोड़ कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। इससे लोगों ने निगम प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है। दिल्ली लालकुआं तीन नंबर चुंगी और फरीदाबाद बॉर्डर पर बसे लोग निगम की तोड़फोड़ कार्रवाई को लेकर असमंजस में हैं कि उनके घर तोड़े जाएंगे या बचेंगे। वहीं प्रशासन को भी यहां कार्रवाई करने में सीमा विवाद का सामना करना पड़ सकता है। लोगों का कहना है कि दिल्ली और हरियाणा सरकारों के बीच वे फंस गए हैं। घर बनाते समय दोनों पैसे लेते थे। अब उन्हें अपना मानने को भी तैयार नहीं हैं।
गांव खोरी में सात जून को सुप्रीम कोर्ट के तोड़फोड़ करने के आदेश जारी किए थे। आदेश के बाद हरियाणा सरकार और दिल्ली सरकार ने अपने-अपने क्षेत्र की पैमाइश कराई। स्थानीय लोगों ने बताया कि लालकुआं तीन नंबर चुंगी से लगते कुछ क्षेत्र को दिल्ली सरकार ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर का दिखाया। उनके बिजली-पानी के कनेक्शन काट दिए गए।
लोगों का कहना है कि उनके सभी कागजात दिल्ली के बने है। वोट दिल्ली में देते हैं। घरों में बिजली के मीटर दिल्ली सरकार के लगे। कोर्ट के आदेश के बाद एकाएक दिल्ली सरकार की ओर से उनका बिजली-पानी बंद कर दिया गया। वहीं फरीदाबाद प्रशासन ने भी उन्हें अपने क्षेत्र का होने से इनकार कर दिया। लोगों का आरोप है कि जब मकान बना रहे थे, तब दिल्ली के अधिकारी पैसे लेकर जाते थे। वहीं फरीदाबाद के अधिकारी भी मकान गिराने की धमकी देकर पैसे ले जाते थे। अब लोग इस बार से परेशान है कि उनके घर बचेंगे या टूटेंगे।