हाई रिस्क गर्भवतियों पर रहेगी विशेष नजर, एएनएम और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर करेंगी पहचान
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में आज से 22 जुलाई तक मातृ स्वास्थ्य पखवाड़ा चलाया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना, उच्च जोखिम गर्भधारण की समय रहते पहचान करना और मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाना है। अभियान के दौरान एएनएम और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर हाई रिस्क गर्भवतियों की पहचान करेंगी और उनकी नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करेंगी।
स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार गंभीर स्थिति वाली गर्भवतियों को समय रहते उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाएगा। साथ ही सरकारी और निजी अस्पतालों को मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर समन्वय तथा किसी भी मातृ मृत्यु की सूचना निर्धारित समय में जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान की निगरानी के लिए जिला स्तर पर वार रूम भी स्थापित किया गया है, जो लगातार सक्रिय रहेगा।
पखवाड़े को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों और स्त्री रोग विशेषज्ञों के साथ बैठक कर जिम्मेदारियां तय की हैं। विभाग का लक्ष्य है कि कोई भी गर्भवती महिला प्रसवपूर्व जांच और आवश्यक उपचार से वंचित न रहे।
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना मिश्रा ने कहा कि मातृ स्वास्थ्य पखवाड़े का उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला तक समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और हाई रिस्क गर्भधारण की समय रहते पहचान करना है। उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के समन्वय से मातृ एवं नवजात के मृत्यु दर में कमी लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।